Friday, October 29, 2021

आँसू होते मन के मीत



ख़ुशी के आँसू, गम के आँसू 

गहन पीड़ा, संताप के आँसू 

छू जाय जब मन के तार

आँसू बनते मन के द्वार 

आँसू जैसे सीप में मोती 

स्नेह-प्रेम की सही कसौटी l

                दिल पर जब लगती है चोट 

                दु:स्सह दुःख पीड़ा का बोझ 

                हर्ष का मन में जब अतिरेक 

                रुकते नहीं आँसू के वेग 

                मन हल्का कम करते शोक 

                आँसू सचमुच हैं अनमोल l

आँखों की नमी के रक्षक 

आँसू वे कहलाते बेसल 

नयन साफ़, स्वच्छ परिवेश 

आँसू होते वे रिफ्लैक्स लेक्श

नेत्रनीर भर आते लोचन

भावुक मन, परिपूर्ण इमोशन l

                आँसू होते मन के मित्र 

                तन-मन निर्मल और पवित्र 

                जीवन को रखते जीवंत  

                इनकी शक्ति असीम-अनंत 

                संवेदना, शिल्प के खोले द्वार 

                जीवनसाथी हैं अश्रुधार।।