पुराणों में है
महिमा-मंडन
अप्रतिम है
कीर्तिमान
ज्ञान-बुद्धि की
भूमि उर्वरा
हीरा-मोती की है
खान
शस्य-श्यामला
हरित भूमि
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।
जनक-विदेह की भूमि है मिथिला
कवि कोकिल के मधुर गान
विद्योत्तमा, गार्गी, मैत्रेयी
मंडन-भारती का पवित्र धाम
साहित्य, कला, संगीत धरोहर
धन्य-धन्य मिथिला महान ।
सभ्यता-संस्कृति, रहन-सहन
मछली, मखाना, पाग, पान
शिक्षा,कृषि,व्यवसाय आदि में
गागर में सागर
का भान
सांप्रदायिक
सौहाद्र की धरती
धन्य-धन्य मिथिला महान ।
हीरा-मोती से भरे पड़े
योजक बनने का है काम
विविध विधाओं के सुमेल से
स्वच्छ, सुंदर मिथिला धाम
विरासत अमूल्य हमारी
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।
त्रुटियां कुछ अपेक्षित-वांछित
नीर-क्षीर विवेक
का काम
बाईस कैरेट
स्वर्ण ही
उत्तम आभूषण का
नव निर्माण
जन-जन का सम्मान
बढ़े
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।।



