Saturday, August 20, 2022

संबंध-समीक्षा



उम्मीदों की तिलांजलि में ही

संबंधों की दुनिया निर्भर होती

उपयोगिता आधारित होते संबंध

व्यक्तित्व की गणना नहीं होती

विचित्र होते हैं मानवीय संबंध

परिवर्तनशील इसकी प्रकृति होती ।

     सुख में संबंधों की आती है बाढ़

     दुख ही इसकी सही कसौटी होती

           बेजान होते हैं दिखावटी संबंध

           आत्मीयता तनिक भी नहीं होती

     नाजुक-सी होती है संबंध की डोर

           आघात सहने की आदी नहीं होती ।

हर संबंध फल दे जरूरी नहीं

छाया भी मयस्सर नहीं होती

इच्छा में सन्निहित है कष्ट

सीमित इच्छा दुखदायी नहीं होती

अस्मिता की रक्षा सर्वोपरि सदा

संबंध ढोने की बाध्यता नहीं होती ।

           कुछ अच्छे भी लोग हैं जग में

           जिनपर टिकी निगाहें होतीं

           त्याग, सहयोग आधारित हैं संबंध

           प्राप्ति की प्रत्याशा कष्ट ही देती

           संबंध विश्वास-शुचिता पर निर्भर

           खंडित संबंध की समीक्षा नहीं होती ।।

Friday, August 12, 2022

शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।

जीवन गढ़े कुम्हार सदृश 

शिक्षक समाज के शिल्पकार

मानवीय गुणों के उत्प्रेरक

सफल जीवन के सूत्रधार

तम करे दूर, उज्ज्वल प्रकाश

अंतर्निहित क्षमता विकास

शिक्षक जगमग प्रकाश-पुंज

शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।

             शिक्षक पवित्र त्रिवेणी संगम

             गंगा, यमुना, सरस्वती

             गंगा शाश्वत मूल्य की रक्षक

             यमुना जीवंत वर्तमान नीति

             सरस्वती में समाहित है भविष्य

             शिक्षक जीवन मूल्य प्रतीक

             शिक्षक अभाव में जीवन शून्य

             शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।

शिष्य-शिक्षक का अटूट है बंधन

श्रद्धा, विश्वास का प्रतीक

शिक्षक हैं जीवन का दर्पण

कर्तव्य पालन की देते सीख

अनुशासन-पाठ, दायित्व-बोध

शिक्षक सहयोगी मानव मीत

उनकी देन अद्भुत-अमूल्य

शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य । 

          शिक्षा का परिदृश्य है बदला

          बदला शिक्षक का दायित्व

          व्यवसायीकरण की आपाधापी में

          बदल गया है जीवन-मूल्य

          नैतिक मूल्यों की संरक्षा

          शिक्षक का गुरुतर दायित्व

          शिक्षा पर निर्भर मानव वजूद

          शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।

शिक्षक सचमुच हैं असाधारण

साधारण कथमपि नहीं शिक्षक

वे तो हैं राष्ट्र निर्माता

निर्भर उनपर सुनहरा कल

मानव भविष्य शिक्षा पर निर्भर

शिक्षक हैं आराध्य-स्तुत्य

शिक्षक की महिमा अनंत-अतुल्य

शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।।   

Tuesday, August 9, 2022

मौन: जीवन-शक्ति

संकल्प-शक्ति, नियंत्रित वाणी

सद् विचार, शांति का सर्जक

मौन से ऊर्जा प्रवाहित

आत्म-चेतना का संरक्षक  

मानव का मौन अमूल्य निधि

आत्म-तत्व का श्रोत है सार्थक ।

                   मौन से संभव साहित्य-सृजन

                   ध्यान की ऊर्जा, शक्ति का मार्ग

                   व्यर्थ की बातों से रखे दूर

                   मौन का मनुज करे अभ्यास

                   ध्यान योग और मौन महौषधि

                   दूर करे मानसिक विकार ।

शब्द-शक्ति का रोके अपव्यय  

मौन देता अप्रतिम लाभ

स्थितप्रज्ञता में मौन सहायक

सर्वार्थ साधन का सही मार्ग

आंतरिक तप, वाणीपर नियंत्रण

मौन से बदले मन के भाव ।

                    आपाधापी, भाग-दौड़ में

                    मौन से मिलती शांति-सुकुन

                    प्रकृति से वांछित शक्ति ग्रहण

                    मौन है अंतर्मुखी गुण धर्म

                    सांसारिक भटकन का राम बाण

                    ध्यान योग और मौन मंत्र ।

मौन से मिलती जीवन-शक्ति

इसकी शक्ति ना आँके कम

संतप्त हृदय का है पाथेय

आत्मचिंतन का मूल मंत्र

मौन है एक व्रत पवित्र

मन अनुकूल वचन और कर्म ।।