Wednesday, September 29, 2021

धन्य-धन्य मिथिला महान

पुराणों में है महिमा-मंडन

अप्रतिम है कीर्तिमान

ज्ञान-बुद्धि की भूमि उर्वरा

हीरा-मोती की है खान

शस्य-श्यामला हरित भूमि

धन्य-धन्य मिथिला महान । 

        जनक-विदेह की भूमि है मिथिला

        कवि कोकिल के मधुर गान

        विद्योत्तमा, गार्गी, मैत्रेयी

        मंडन-भारती का पवित्र धाम

        साहित्य, कला, संगीत धरोहर

        धन्य-धन्य मिथिला महान ।

सभ्यता-संस्कृति, रहन-सहन

मछली, मखाना, पाग, पान

शिक्षा,कृषि,व्यवसाय आदि में

गागर में सागर का भान

सांप्रदायिक सौहाद्र की धरती

धन्य-धन्य मिथिला महान ।

        हीरा-मोती से भरे पड़े

        योजक बनने का है काम

        विविध विधाओं के सुमेल से

        स्वच्छ, सुंदर मिथिला धाम

        विरासत अमूल्य हमारी

        धन्य-धन्य मिथिला महान ।

त्रुटियां कुछ अपेक्षित-वांछित

नीर-क्षीर विवेक का काम

बाईस कैरेट स्वर्ण ही

उत्तम आभूषण का नव निर्माण

जन-जन का सम्मान बढ़े

धन्य-धन्य मिथिला महान ।।

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