साक्षरता का दीप जलाकर,
जन-जन में विश्वास जगाएँ,
निरक्षता को दूर भगाकर,
आएँ ! नया बिहार बनाएँ।।
गली-गली और गाँव-गाँव में,
सरस्वती का सुर फैलाएँ,
बच्चे-बूढ़े या जवान हों,
सबको कॉपी-कलम थमाएँ,
आएँ ! नया बिहार बनाएँ।।
जनता का जनतंत्र है भाई,
ग्रामसभा में इसे बताएँ।
अपना शासन खुद करने को,
साक्षरता को राह दिखाएँ
आएँ ! नया बिहार बनाएँ।।
साक्षरता अभियान की आँधी,
घर-घर सुरभित करती जाए,
निरक्षरता अभिशाप है भाई,
हमसब मिलकर इसे भगाएँ,
आएँ ! नया बिहार बनाएँ।।
गाँधीजी की कर्मभूमि में,
ग्राम-स्वराज का अलख जगाएँ,
शिक्षा है अनमोल रतन,
ऐसा हम परचम लहराएँ,
आएँ ! नया बिहार बनाएँ।।






