Friday, September 11, 2020

अमृत बेला

 

सुबह-सबेरे अमृत बेला

करती प्रकृति आनंद की वर्षा

दैवीय शक्तियाँ होती जागृत

शुद्ध हवा जन-तन-मन हर्षित

ब्रह्ममुहुर्त में दृश्य सुहावन

वातावरण अतिशय मनभावन।

उषाकाल शुरूआती मौसम

देते हमें प्राकृतिक पोषण

साहित्य, संगीत, रचनात्मक विचार

सुबह-सबेरे की सौगात

भक्तजनों का अर्चन-वंदन

लेखन कार्य हेतु समय सर्वोत्तम।

मंद-मंद सुरभित बयार

नई शक्ति, ऊर्जा संचार

गीत-संगीतकार करते रियाज

शांत चित्त, मन एकाग्र

सुबह उठकर करना काम

सुख-समृद्धि का नव-विहान।

सूर्य लालिमा का करें हम स्वागत

पुष्पित बाग, खगवृंद के कलरव

वृद्ध, युवा, अन्नदाता किसान

उषाकाल सबका वरदान

प्रातः भ्रमण का सबको लाभ

विद्यार्थी, साधक करें अभ्यास।

सुबह-सुबह बिस्तर का त्याग

तनावमुक्त, अच्छे संस्कार

जल्दी सोकर उठना तड़के

सकारात्मकता जीवन में भर दे

प्रातः उठने का लें संकल्प

जीवन का होगा कायाकल्प।।


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