Tuesday, June 7, 2022

हिंसा का नहीं औचित्य-आधार

हिंसा से पीड़ित, उद्वेलित

समस्त विश्व मानव-समुदाय

हिंसा है सार्वभौम विपत्ति

हिंसा है जघन्य अपराध

प्रजातान्त्रिक मूल्यों पर प्रहार

हिंसा उत्प्रेरित ‘सिविल वॉर

कथमपि शक्ति का सार नहीं

हिंसा है दुर्गुण, अभिशाप ।

                        हिंसा है बाधक सदा
                        अवरुद्ध प्रगति का मार्ग
                        पलायन के दर्द संग
                        जीवन पर आघात
                        खंडित सामाजिक ताना-बाना
                        खंडित एकता के सूत्र
                        आर्थिक विकास मे बाधक हिंसा
                        हिंसा से नहीं गरीबी दूर ।
हिंसात्मक साधन ले जाता

गलत साध्य की ओर

साध्य-साधन की पवित्रता ही

गांधी विचार के मूल श्रोत

हिंसा कथमपि है नहीं

शुद्धिकरण का सही पर्याय

हिंसा केंद्रित सत्ता अस्थिर

हिंसा कदापि न हो स्वीकार्य ।

                         हिंसा कभी विकल्प नहीं

                         नहीं हृदय का ‘क्लिंसिंग फोर्स

                         स्वतंत्रता का साधन नहीं

                         अग्रसर विनाश की ओर 

                         सचमुच शक्ति का ह्रास है

                         टकटकी शांति की ओर

                         हिंसा से निःसृत आतंक

                         हिंसा के परिणाम कठोर ।

गांधीगिरी सशक्त माध्यम है

अहिंसा शांति का अग्रदूत

अहिंसात्मक प्रतिबद्धता आवश्यक

एकता के प्रबल सूत्र

अहिंसात्मक मार्ग है सर्वोत्तम

मानवता की है आवाज

अहिंसा बसी है जन-मन में

हिंसा का नहीं औचित्य-आधार ।।   

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