लोकभूमि की सुरक्षा संरक्षण,प्रशासन का अभीष्ट उद्देश्य
लोकभूमि की सुरक्षा हेतु,लागू है बी0पी0एल0ई0 एक्ट
लोकभूमि अतिक्रमण करना है,अधिनियम के अनुसार अवैध
उन्नीस सौ छप्पन के अधिनियम में,परिभाषा, प्रक्रिया का उल्लेख।
केन्द्र राज्य सरकार की भूमि, गैरमजरूआ आम-खास
स्थानीय प्राधिकार, विभिन्न विभाग, श्मशान, कब्रगाह, चारागाह
शैक्षणिक संस्थान सरकारी, लोकभूमि की परिभाषा में शामिल
'राइट ऑफ यूजर' वाली भूमि भी, लोकभूमि के अंतर्गत काबिल।
लोकभूमि पर मकान बनाना, करना निर्माण सामग्री एकत्र
पोल, टेन्ट, पण्डाल डालकर, खूंटा-खंभा यत्र-तत्र
वाहन पड़ाव के रूप में करना, लोकभूमि का इस्तेमाल
अतिक्रमण के विभिन्न रूप हैं, धारा-2 के उपबंधानुसार।
आवेदन या किसी स्रोत से, समाहर्ता को मिले जानकारी
अधिनियम के अंतर्गत, समाहर्ता हैं अंचल अधिकारी
अधिनियम की धारा-3 अंतर्गत, आरंभ करना है विधिवत सुनवाई
विहित रीति से नोटिस निर्गत, चौदह दिनों का समय निर्धारित।
अस्थायी छप्पर-छानी कर ,साग-सब्जी आदि की अवैध दुकान
बिना नोटिस के जारी हो सकता, अतिक्रमण हटाने का फरमान
जन, भवन सुरक्षा के हितार्थ, अतिक्रमण हटाना हो अनिवार्य
धारा-3 (2) में उपबंध, अतिक्रमण हटाना अविलम्ब।
विधिवत सुनवाई के उपरांत, कार्रवाई करनी है विधिमान्य
अतिक्रमण हटाने का आदेश, अवधि चौदह दिनों की मान्य
आदेश अवहेलना के परिणाम, सख्त है कानूनी प्रावधान
स्थल पर सामग्री उपलब्ध, समाहर्ता कर सकता जब्त।
अधिनियम की धारा-6 (2) के उपबंध, आदेश की अवहेलना पर निर्धारित दण्ड
अधिकतम एक वर्ष तक कारावास, अथवा बीस हजार का जुर्माना
या अधिरोपित हो सकता दोनों दण्ड, अतिक्रमण हटाने का लागत व्यय भी
अतिक्रमणकर्ता से वसूलने का, धारा-7 में है स्पष्ट उपबंध।
अंचल अधिकारी अथवा, किसी अन्य अधिकारी द्वारा पारित आदेश
समाहर्ता के समक्ष अपील का, अधिनियम में निहित है निर्देश
समाहर्ता के आदेश से यदि व्यथित, प्रमण्डलीय आयुक्त के समक्ष
तीस दिनों की समय-सीमा में, की जा सकती है अपील।
जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम, समस्त राज्य में सम्प्रति जारी
जल-निकायों को अतिक्रमण मुक्त कर, सहेजना है जल-हरियाली
अतिक्रमण हटाने के क्रम में, विस्थापित सुयोग्य श्रेणी के परिवार
'अभियान बसेरा' अंतर्गत, वास भूमि देगी सरकार।
सार्वजनिक हित की भूमि पर,जनता का उपभोगाधिकार
लोकभूमि की सुरक्षा, विकास हेतु, पंचायत का सहयोग अपरिहार्य
जनहित, पर्यावरण हित में, आमजन से है अपील
लोकभूमि सुरक्षित रखकर, नागरिक कर्तव्यों की करें पूर्ति ।।



