यदि किसी से करते हैं
स्नेह, प्रेम बेहिसाब
यक़ीनन नहीं रहेगा
बहुत दिनों का साथ।
यदि किसी का करते हैं
उपकार, मदद बेहिसाब
स्नेह, प्रेम बेहिसाब
यक़ीनन नहीं रहेगा
बहुत दिनों का साथ।
उपकार, मदद बेहिसाब
यक़ीनन होगा आपसे
अप्रत्याशित विश्वासघात।
अप्रत्याशित विश्वासघात।
यदि किसी को देते हैं
ऋण-उधार बेहिसाब
यक़ीनन वापस माँगने पर
संबंधों में निश्चित दरार।
यक़ीनन वापस माँगने पर
संबंधों में निश्चित दरार।
यदि करता है कोई
प्रशंसा बेझिझक, बेहिसाब
यक़ीनन समय आने पर
दिखेगा उसकी औक़ात।
यदि किसी पर करते हैं
धन व्यय बेहिसाब
यक़ीनन संकट में वह
खींच लेगा अपना हाथ।
सुझाव देते हैं हम
बिन माँगे बेहिसाब
यक़ीनन ध्रुव सत्य यही
अपना कर्म, अपना साथ।।
प्रशंसा बेझिझक, बेहिसाब
यक़ीनन समय आने पर
दिखेगा उसकी औक़ात।
धन व्यय बेहिसाब
यक़ीनन संकट में वह
खींच लेगा अपना हाथ।
बिन माँगे बेहिसाब
यक़ीनन ध्रुव सत्य यही
अपना कर्म, अपना साथ।।
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