Monday, January 24, 2022

परिंदों की हम कर लें बात


नहीं कोई सीमा-सरहद
उड़ने की असीम चाह
कलरव से गुंजित धरती
प्रकृति संग हास-परिहास
ईको तंत्र के संरक्षक
परिंदों की हम कर लें बात।
                कई प्रजातियाँ खगवृंदों की
                हर जगह इनका प्रवास
                ऐविस श्रेणी के हैं प्राणी
                परिंदों का बृहद संसार
                नाना रूप रंग बहुतेरे
                परिंदों की हम कर लें बात। 
सतत व्यस्त, अनवरत कार्य
तिनके-तिनके की परवाह
मृदुल स्वर, चंचल जीवन
उन्मुक्त ऊर्जा का संचार
पर्यावरण संरक्षक, कृषक मित्र
परिंदों की हम कर लें बात।
                संगीतमय करते प्रकृति को
                सरलता, सजगता की सौग़ात
                रंग-विरंगे पंख सुनहरे  
                प्रेम-स्नेह की दे सौग़ात
                संरक्षण-संवर्धन अपेक्षित, वांछित
                परिंदों की हम कर लें बात।।

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