तुलसी है उपयोगी पौधा
है सृष्टि की अनुपम कृति
माँ वृंदा है वृंदावन की
तुलसी में है दिव्यशक्ति
संजीवनी बूटी है तुलसी
भगवान विष्णु की हरिप्रिया
लोग-बाग करते हैं पूजा
संध्याकाल जलाते दीया।
तुलसी है विभिन्न प्रकार की
राम, कृष्ण, लक्ष्मी, तुलसी
श्वेत, रक्त, ज्ञान, वन तुलसी
धार्मिक महत्व की है तुलसी
गंगाजल और तुलसी पत्ते
कभी नहीं होते बासी
विष्णु और कृष्ण की पूजा
तुलसी बिन रहती है अधूरी।
एन्टी बैक्टीरियल, एन्टी फंगल
एन्टी बायोटिक गुणों से भरपूर
तुलसी के नित्य सेवन से
आलस्य, निराशा भागे दूर
ऊर्जा का प्रवाह नियंत्रित
नकारात्मकता को रखें दूर
सकारात्मकता भरती जीवन में
लाती शांति, सुख-समृद्धि।
वास्तुदोष मिटाती तुलसी
भविष्य का देती संकेत
सुख न जाए तुलसी पौधा
रखना नियमित ध्यान विशेष
पवित्र पूजनीया देवी तुलसी
तुलसी पौधा घर का वैद्य
जड़, तना और शाखाओं में है
तीर्थ, देवता, चारों वेद।
पौधारोपण, पालन, सिंचन
पूजा, अर्चन, अर्पित जल
कष्ट निवारक शुभफलदायक
जन्म-मृत्यु सबमें आवश्यक
दिव्यगुणों से है परिपूरित
पर्यावरण का सच्चा मित्र
स्व-हित, पर्यावरण रक्षा हित
तुलसी रोपण है अभीष्ट।




