Thursday, October 22, 2020

अभियान बसेरा: वासभूमि की गारंटी

    



वासभूमि से जुड़ा हुआ है

मानव की पहचान, सम्मान

'अभियान बसेरा' कार्यक्रम अंतर्गत 

वासभूमि देने का है प्रावधान

वासभूमि रहित परिवारों को

वासभूमि देना है लक्ष्य

लक्ष्यवर्ग में शामिल है

एस0सी0, एस0टी0, पिछड़ा वर्ग।


बी0पी0पी0एच0सी0 एक्ट अंतर्गत

वासगीत पर्चा करना निर्गत

गैरमजरूआ जमीन की बंदोबस्ती भी

'अभियान बसेरा' में है संगत

विभिन्न स्रोतों से है करना

पाँच डिसमिल भूमि का इंतजाम

रैयती भूमि की क्रयनीति द्वारा भी

वासभूमि क्रय का है प्रावधान।


आवंटित भूमि चिन्हित कर

विधिवत दिलाना दखल-कब्जा

लगान-रसीद और नक्शा संग

वितरण करना बंदोबस्ती पर्चा

कलस्टर में भी बसाने का

2015 के संकल्प में है प्रावधान

यथासंभव बीस परिवारों को

सौ डिसमिल वासभूमि करना प्रदान।


टोले का सम्पर्क सड़क

आंतरिक आवागमन व्यवस्था

पेयजल, शौचालय निर्माण हेतु

लाभुकों से समुचित चर्चा

भूमि उपलब्धता की स्थिति में

चबूतरा, सामुदायिक भवन निर्माण

आधारभूत संरचना प्रदान कर

सुयोग्य श्रेणी का मान-सम्मान।


आवंटित भूमि की बिक्री, अंतरण से

भूमि आवंटन का उद्देश्य विफल

अंतरण, बिक्री की स्थिति में

जमाबंदी और पर्चा करना है रद्द

सुयोग्य श्रेणी के अन्य व्यक्ति को

उक्त भूमि का देना पर्चा

अपर समाहर्ता/समाहर्ता स्तर से

कार्रवाई की है आवश्यकता।


जल-निकायों को अतिक्रमण मुक्त कर

जल-हरियाली का संरक्षण

अतिक्रमण हटाने के क्रम में

सुयोग्य श्रेणी का करना है रक्षण

'अभियान बसेरा' कार्यक्रम अंतर्गत

सुयोग्य परिवारों को देना पर्चा

वासभूमि उपलब्ध कराकर

कायम रखना आवासीय सुरक्षा।


'अभियान बसेरा' कार्यक्रम 

वर्ष, 2014 से ही प्रभावी

सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को

करना है शत-प्रतिशत आच्छादित

सरकारी भूमि या क्रय भूमि हो

आवंटन नीति स्पष्ट विनिश्चित

महादलित, सुयोग्य श्रेणी के कोई

वासभूमि से रहे न वंचित।।

Saturday, October 17, 2020

काम का हम लें आनंद

 


मानव जीवन का केन्‍द्र-बिन्‍दु

व्‍यक्तित्‍व का करता है निर्माण

जीविका का उपकरण मात्र नहीं

सामाजिक जीवन की है पहचान

अविभाज्‍य अंग है जीवन का

काम में ही हम खोजें आराम।

व्‍यक्तिगत स्‍वतंत्रता का है मार्ग

अस्तित्‍व को देता अर्थ-आयाम

सामाजिक उन्‍नति का मूल रहस्‍य

काम में ही मान-सम्‍मान

आत्‍मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक

मानव को करता है आनंदित।

आर्थिक आवश्‍यकताओं की होती पूर्त्ति

नैतिक गुणों की सद्य: अनुभूति

काम में ही मानव की शान

आत्‍म संतुष्टि दूर करे थकान

समय और ऊर्जा का सामंजन

काम है मूल्‍यों का आवंटन।

काम है आत्‍म सम्‍मान का स्रोत

सहयोग की भावना से ओतप्रोत

समय पालन, अनुशासन आधार

सपनों को कर सकते साकार

काम में जीवन के विविध रंग

काम का हम लें आनंद।।

Saturday, October 10, 2020

सहयोग जीवन का मूलमंत्र




 सहयोग सामाजिक गुणवर्द्धक

सहयोग से नि:सृत शक्तिपूंज

शांति सद्भाव का सबल स्रोत

कल्‍याण भाव से ओतप्रोत

सहयोग में होती दिव्‍यदृष्टि 

मानव-हित की सहजपूर्त्ति ।

क्रियाओं का आदान-प्रदान

है प्रेमभाव का संपोषक

सर्वहित चिंतन की प्र‍वृत्ति 

मैत्री भाव का है उत्‍प्रेरक

सहयोग से जीवन के सब रंग

सहयोग जीवन का मूलमंत्र ।

सहयोग से संभव आर्थिक विकास

शैक्षणिक उन्‍नति का है आधार 

सहयोग से संभव श्रीराम सेतु

सहयोग के हैं विविध रूप 

प्रत्‍यक्ष हो या अप्रत्‍यक्ष 

जीवन-पथ में पाथेय स्‍वरूप । 

सहयोग से प्रशस्‍त न्‍याय का मार्ग 

बेहतर, स्‍वस्‍थ खुशहाल समाज

सहयोग वर्षा की वे बूँदें  

सीप में गिरे, बने मोती

सहयोग का दीप जले हर घर 

जन-मन में जले सहयोग ज्‍योति । 

सहयोग-समन्‍वय आवश्‍यक 

जीवन को बनाता है सार्थक

जीवन का सोच बदलता है 

जुड़ने-जोड़ने का है वाहक 

सहयोग तो है जीवन-दर्शन 

क्‍यों न करें हम हृदयंगम ? 


Monday, October 5, 2020

सुरवन्दिता



संगीत, कला, बुद्धि की देवी

माँ सरस्वती सुरवन्दिता

सरस्वती पुराण, मत्स्य पुराण में

वर्णित उत्पत्ति की कथा

ऋग्वेद में महिमा है वर्णित

शुभदा, सर्वात्मिका

हंसवाहिनी शुभफलदायिनी

माँ सरस्वती सुरवन्दिता।

चन्द्रकान्ति, जगन्माता

विध्नविनाशिनी, रक्षिता

वीणापाणिनी, शब्द प्रवाहिनी

सुरासुर नमस्कृता

कमलासन, श्वेतवस्त्रा

भारती सम्पूजिता

ज्ञानदेवी, महाभद्रा

सरस्वती सुरवन्दिता।

विद्यादातृ भुवनेश्वरी माँ

मधुर वीणा-वादिता

शतरूपा, वेदमाता

ब्रह्मा-विष्णु-शिवालिका

ऋद्धि-सिद्धि प्रदायिनी माँ

सुवासिनी सुरपूजिता

पीतवसना शारदे माँ

सरस्वती सुरवन्दिता।

वसंत पंचमी सरस्वती पूजा

जन-मन पुलकित हर्षिता

मंद, शीतल पवननिर्मल

पुष्पवाटिका शोभिता

आम्रमंजरी, पीत पृथ्वी

मधुर कोयल कूजिता

प्रकृति पूजा जगती पूजा

"श्यामल" शरण सुरवन्दिता।।


Wednesday, September 30, 2020

बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम:सरल प्रस्‍तुति

 

लोकभूमि की सुरक्षा संरक्षण,प्रशासन का अभीष्ट उद्देश्य

लोकभूमि की सुरक्षा हेतु,लागू है बी0पी0एल00 एक्ट

लोकभूमि अतिक्रमण करना है,अधिनियम के अनुसार अवैध

उन्नीस सौ छप्पन के अधिनियम में,परिभाषा, प्रक्रिया का उल्लेख।

 

केन्द्र राज्य सरकार की भूमि, गैरमजरूआ आम-खास 

स्थानीय प्राधिकार, विभिन्न विभाग, श्मशान, कब्रगाह, चारागाह

शैक्षणिक संस्थान सरकारी, लोकभूमि की परिभाषा में शामिल

'राइट ऑफ यूजर' वाली भूमि भी, लोकभूमि के अंतर्गत काबिल।

लोकभूमि पर मकान बनाना, करना निर्माण सामग्री एकत्र

पोल, टेन्ट, पण्डाल डालकर, खूंटा-खंभा यत्र-तत्र

वाहन पड़ाव के रूप में करना, लोकभूमि का इस्तेमाल

अतिक्रमण के विभिन्न रूप हैं, धारा-2 के उपबंधानुसार।

 

आवेदन या किसी स्रोत से, समाहर्ता को मिले जानकारी

अधिनियम के अंतर्गत, समाहर्ता हैं अंचल अधिकारी

अधिनियम की धारा-3 अंतर्गत, आरंभ करना है विधिवत सुनवाई

विहित रीति से नोटिस निर्गत, चौदह दिनों का समय निर्धारित।

 

अस्थायी छप्पर-छानी कर ,साग-सब्जी आदि की अवैध दुकान

बिना नोटिस के जारी हो सकता, अतिक्रमण हटाने का फरमान

जन, भवन सुरक्षा के हितार्थ, अतिक्रमण हटाना हो अनिवार्य

धारा-3 (2) में उपबंध, अतिक्रमण हटाना अविलम्ब।


विधिवत सुनवाई के उपरांत, कार्रवाई करनी है विधिमान्य

अतिक्रमण हटाने का आदेश, अवधि चौदह दिनों की मान्य

आदेश अवहेलना के परिणाम, सख्त है कानूनी प्रावधान

स्‍थल पर सामग्री उपलब्‍ध, समाहर्ता कर सकता जब्त।


अधिनियम की धारा-6 (2) के उपबंध, आदेश की अवहेलना पर निर्धारित दण्ड

अधिकतम एक वर्ष तक कारावास, अथवा बीस हजार का जुर्माना

या अधिरोपित हो सकता दोनों दण्ड, अतिक्रमण हटाने का लागत व्यय भी

अतिक्रमणकर्ता से वसूलने का, धारा-7 में है स्पष्ट उपबंध।


 अंचल अधिकारी अथवा, किसी अन्य अधिकारी द्वारा पारित आदेश

 समाहर्ता के समक्ष अपील का, अधिनियम में निहित है निर्देश

 समाहर्ता के आदेश से यदि व्यथित, प्रमण्डलीय आयुक्त के समक्ष

 तीस दिनों की समय-सीमा में, की जा सकती है अपील।


जल-जीवन-हरियाली कार्यक्रम, समस्त राज्य में सम्प्रति जारी

जल-निकायों को अतिक्रमण मुक्त कर, सहेजना है जल-हरियाली

अतिक्रमण हटाने के क्रम में, विस्थापित सुयोग्य श्रेणी के परिवार

'अभियान बसेरा' अंतर्गत, वास भूमि देगी सरकार।


सार्वजनिक हित की भूमि पर,जनता का उपभोगाधिकार

लोकभूमि की सुरक्षा, विकास हेतु, पंचायत का सहयोग अपरिहार्य

जनहित, पर्यावरण हित में, आमजन से है अपील

लोकभूमि सुरक्षित रखकर, नागरिक कर्तव्यों की करें पूर्ति ।।

Sunday, September 27, 2020

संघर्ष : सफलता की सीढ़ी

 


जीवन के जटिल मार्ग का

अपरिहार्य अंग है संघर्ष

संघर्ष से प्राप्‍त शक्ति-साहस

संघर्ष है प्रतिबद्धता का प्रतीक

सफलता की सीढ़ी है संघर्ष

संघर्ष से नि:सृत है उत्‍कर्ष।

शिखर पर पहुँचाता है संघर्ष

संघर्ष से प्रेरित सफल उड़ान

छेनी-हथौड़ा से संघर्ष

पत्‍थर भी बन जाते भगवान

संघर्ष से स्‍वयं का विकास

औरों को मिलता मार्ग-प्रकाश।

संघर्ष से होती लक्ष्‍य की प्राप्ति

दृढ़ता से आगे बढ़ने की शक्ति

चींटी गिरती बारंबार

करती रहती है संघर्ष

साहस का नहीं छोड़ती डोर

संदेश देती है वह अनमोल।

चुनौती को करें सहर्ष स्‍वीकार

कठिनाईयों को हँसकर अंगीकार

त्यागें निष्क्रियता की दहलीज

खोलें सक्रियता का द्वार

संघर्ष की तपिश से आए निखार

सफलता स्‍वागत को तैयार।।

Thursday, September 17, 2020

तुलसी पौधा घर का वैद्य


 

तुलसी है उपयोगी पौधा

है सृष्टि की अनुपम कृति

माँ वृंदा है वृंदावन की

तुलसी में है दिव्यशक्ति

संजीवनी बूटी है तुलसी

भगवान विष्णु की हरिप्रिया

लोग-बाग करते हैं पूजा

संध्याकाल जलाते दीया। 

तुलसी है विभिन्न प्रकार की

राम, कृष्ण, लक्ष्मी, तुलसी

श्वेत, रक्त, ज्ञान, वन तुलसी

धार्मिक महत्व की है तुलसी

गंगाजल और तुलसी पत्ते

कभी नहीं होते बासी

विष्णु और कृष्ण की पूजा

तुलसी बिन रहती है अधूरी।

एन्टी बैक्टीरियल, एन्टी फंगल

एन्टी बायोटिक गुणों से भरपूर

तुलसी के नित्य सेवन से

आलस्य, निराशा भागे दूर

ऊर्जा का प्रवाह नियंत्रित

नकारात्मकता को रखें दूर

सकारात्मकता भरती जीवन में

लाती शांति, सुख-समृद्धि। 

वास्तुदोष मिटाती तुलसी

भविष्य का देती संकेत

सुख न जाए तुलसी पौधा

रखना नियमित ध्यान विशेष

पवित्र पूजनीया देवी तुलसी

तुलसी पौधा घर का वैद्य

जड़, तना और शाखाओं में है

तीर्थ, देवता, चारों वेद।

पौधारोपण, पालन, सिंचन

पूजा, अर्चन, अर्पित जल

कष्ट निवारक शुभफलदायक

जन्म-मृत्यु सबमें आवश्यक

दिव्यगुणों से है परिपूरित

पर्यावरण का सच्चा मित्र

स्व-हित, पर्यावरण रक्षा हित

तुलसी रोपण है अभीष्ट।