सहयोग से नि:सृत शक्तिपूंज
शांति सद्भाव का सबल स्रोत
कल्याण भाव से ओतप्रोत
सहयोग में होती दिव्यदृष्टि
मानव-हित की सहजपूर्त्ति ।
क्रियाओं का आदान-प्रदान
है प्रेमभाव का संपोषक
सर्वहित चिंतन की प्रवृत्ति
मैत्री भाव का है उत्प्रेरक
सहयोग से जीवन के सब रंग
सहयोग जीवन का मूलमंत्र ।
सहयोग से संभव आर्थिक विकास
शैक्षणिक उन्नति का है आधार
सहयोग से संभव श्रीराम सेतु
सहयोग के हैं विविध रूप
प्रत्यक्ष हो या अप्रत्यक्ष
जीवन-पथ में पाथेय स्वरूप ।
सहयोग से प्रशस्त न्याय का मार्ग
बेहतर, स्वस्थ खुशहाल समाज
सहयोग वर्षा की वे बूँदें
सीप में गिरे, बने मोती
सहयोग का दीप जले हर घर
जन-मन में जले सहयोग ज्योति ।
सहयोग-समन्वय आवश्यक
जीवन को बनाता है सार्थक
जीवन का सोच बदलता है
जुड़ने-जोड़ने का है वाहक
सहयोग तो है जीवन-दर्शन
क्यों न करें हम हृदयंगम ?

No comments:
Post a Comment