Sunday, September 27, 2020

संघर्ष : सफलता की सीढ़ी

 


जीवन के जटिल मार्ग का

अपरिहार्य अंग है संघर्ष

संघर्ष से प्राप्‍त शक्ति-साहस

संघर्ष है प्रतिबद्धता का प्रतीक

सफलता की सीढ़ी है संघर्ष

संघर्ष से नि:सृत है उत्‍कर्ष।

शिखर पर पहुँचाता है संघर्ष

संघर्ष से प्रेरित सफल उड़ान

छेनी-हथौड़ा से संघर्ष

पत्‍थर भी बन जाते भगवान

संघर्ष से स्‍वयं का विकास

औरों को मिलता मार्ग-प्रकाश।

संघर्ष से होती लक्ष्‍य की प्राप्ति

दृढ़ता से आगे बढ़ने की शक्ति

चींटी गिरती बारंबार

करती रहती है संघर्ष

साहस का नहीं छोड़ती डोर

संदेश देती है वह अनमोल।

चुनौती को करें सहर्ष स्‍वीकार

कठिनाईयों को हँसकर अंगीकार

त्यागें निष्क्रियता की दहलीज

खोलें सक्रियता का द्वार

संघर्ष की तपिश से आए निखार

सफलता स्‍वागत को तैयार।।

Thursday, September 17, 2020

तुलसी पौधा घर का वैद्य


 

तुलसी है उपयोगी पौधा

है सृष्टि की अनुपम कृति

माँ वृंदा है वृंदावन की

तुलसी में है दिव्यशक्ति

संजीवनी बूटी है तुलसी

भगवान विष्णु की हरिप्रिया

लोग-बाग करते हैं पूजा

संध्याकाल जलाते दीया। 

तुलसी है विभिन्न प्रकार की

राम, कृष्ण, लक्ष्मी, तुलसी

श्वेत, रक्त, ज्ञान, वन तुलसी

धार्मिक महत्व की है तुलसी

गंगाजल और तुलसी पत्ते

कभी नहीं होते बासी

विष्णु और कृष्ण की पूजा

तुलसी बिन रहती है अधूरी।

एन्टी बैक्टीरियल, एन्टी फंगल

एन्टी बायोटिक गुणों से भरपूर

तुलसी के नित्य सेवन से

आलस्य, निराशा भागे दूर

ऊर्जा का प्रवाह नियंत्रित

नकारात्मकता को रखें दूर

सकारात्मकता भरती जीवन में

लाती शांति, सुख-समृद्धि। 

वास्तुदोष मिटाती तुलसी

भविष्य का देती संकेत

सुख न जाए तुलसी पौधा

रखना नियमित ध्यान विशेष

पवित्र पूजनीया देवी तुलसी

तुलसी पौधा घर का वैद्य

जड़, तना और शाखाओं में है

तीर्थ, देवता, चारों वेद।

पौधारोपण, पालन, सिंचन

पूजा, अर्चन, अर्पित जल

कष्ट निवारक शुभफलदायक

जन्म-मृत्यु सबमें आवश्यक

दिव्यगुणों से है परिपूरित

पर्यावरण का सच्चा मित्र

स्व-हित, पर्यावरण रक्षा हित

तुलसी रोपण है अभीष्ट।

Friday, September 11, 2020

अमृत बेला

 

सुबह-सबेरे अमृत बेला

करती प्रकृति आनंद की वर्षा

दैवीय शक्तियाँ होती जागृत

शुद्ध हवा जन-तन-मन हर्षित

ब्रह्ममुहुर्त में दृश्य सुहावन

वातावरण अतिशय मनभावन।

उषाकाल शुरूआती मौसम

देते हमें प्राकृतिक पोषण

साहित्य, संगीत, रचनात्मक विचार

सुबह-सबेरे की सौगात

भक्तजनों का अर्चन-वंदन

लेखन कार्य हेतु समय सर्वोत्तम।

मंद-मंद सुरभित बयार

नई शक्ति, ऊर्जा संचार

गीत-संगीतकार करते रियाज

शांत चित्त, मन एकाग्र

सुबह उठकर करना काम

सुख-समृद्धि का नव-विहान।

सूर्य लालिमा का करें हम स्वागत

पुष्पित बाग, खगवृंद के कलरव

वृद्ध, युवा, अन्नदाता किसान

उषाकाल सबका वरदान

प्रातः भ्रमण का सबको लाभ

विद्यार्थी, साधक करें अभ्यास।

सुबह-सुबह बिस्तर का त्याग

तनावमुक्त, अच्छे संस्कार

जल्दी सोकर उठना तड़के

सकारात्मकता जीवन में भर दे

प्रातः उठने का लें संकल्प

जीवन का होगा कायाकल्प।।


Wednesday, September 9, 2020

लगान निर्धारण: प्रक्रिया विश्‍लेषण

 बेलगान, काबिल लगान भूमि का

लगान निर्धारण है अभीष्ट

बी0टी0 एक्ट एवं नियमावली में है

लगान निर्धारण की प्रक्रिया विहित

लगान निर्धारण हेतु प्रपत्र-37 में

याचिका दाखिल करना है अनिवार्य

निष्पादन हेतु सक्षम प्राधिकार हैं

अधिनियम अंतर्गत डी0सी0एल0आर0


खतियानी रैयत, वैध उत्तराधिकार

कर सकते हैं याचिका समर्पित

निबंधित विलेख के माध्यम से भी

रैयत कर सकते हित-अर्जित

आपसी सहमति से बँटवारा

सह-हिस्सेदारों की सहमति है शर्त 

सक्षम न्यायालय के आदेश पर

गुण-दोष आधारित निष्कर्ष।


वसीयत आधारित लगान निर्धारण

सक्षम न्यायालय का आज्ञापक प्रोबेट

गैरमजरूआ आम-खास भूमि का

लगान निर्धारण है निषेध

पंचायती राज, नगर निकाय

बोर्ड, निगम का हो स्वामित्व

स्वत्त्ववाद लंबित रहने पर भी

लगान निर्धारण है निषिद्ध।


विहित प्रपत्र में प्राप्त याचिका

अभिलेख संधारण है पहला काम

हल्का कर्मचारी, सी0आइ0 को है करना

नियमानुसार स्थल की जाँच

अंचल अधिकारी की अनुशंसा

स्वयं स्थल जाँच का हो उल्लेख

समेकित प्रतिवेदन की प्रविष्टिकर

सक्षम प्राधिकार को भेजें अभिलेख।


अंचल अधिकारी का प्रतिवेदन

डी0सी0एल0आर0 को यदि नहीं मान्य

जिस रीति से उचित वे समझें

स्वयं भी कर सकते जाँच

आम सूचना का करें प्रकाशन

विहित प्रपत्र है अड़तीस-उनचालीस

आपत्ति प्राप्ति की स्थिति में

पक्षकारों की करें सुनवाई।

 

सक्षम प्राधिकार को पारित है करना

सकारण तार्किक आदेश

आदेशफलक, विस्तृत विवरण

स्वीकृति और अस्वीकृति का उल्लेख

अभिलेख वापसी के पश्चात्

अंचल को है करना कार्य

नई जमाबंदी का निर्माण

रैयत से लेना उचित लगान।

 

आदेश से व्यथित होने पर

अपील के समुचित प्रावधान

नब्बे दिनों का समय निर्धारित

अपर समाहर्ता को लेना संज्ञान

भूमि-भवन से जुड़ा हुआ है

रैयतों का मान-सम्मान

बेलगान, काबिल लगान भूमि का

निर्धारित कराएँ उचित लगान।।


Monday, September 7, 2020

जीवन का सच

 


इच्छाएँ अनंत

ख्वाहिशें असीमित

स्पर्धा, आपाधापी

जिजीविषा की जद्दोजहद

अनिद्रा कलह

समस्याएँ अनहद

तनाव अनवरत

जीवन का सच ।  

                मिथ्या अभिमान

                व्यर्थ का गुमान

                दिखावटी संबंध

                कृत्रिम अनुबंध

  छल-प्रपंच

  साजिश-षड्यंत्र

                 टूटता सब्र 

                जीवन का सच । 

मारक प्रवृत्ति  

सामाजिक विकृति

कटु अनुभूति

अविश्वास, संताप

आणविक परिवार

विस्मृत लोकाचार

नैतिक मूल्यों से विरत

जीवन का सच ।

                सुखी जीवन का  

                सही विकल्प 

                सीमित इच्छा 

                हास-परिहास

                सकारात्मक सोच

                परहित संकल्प

                सही निकष

                जीवन का सच ।।


Monday, August 31, 2020

ऑनलाइन लगान भुगतान: सरल प्रक्रिया


रैयतों के हित सुविधा हेतु राजस्व विभाग का नवाचार

ऑनलाइन लगान भुगतान के लिए, 'भू-लगान बिहार' वेबसाईट है तैयार। 


लगान भुगतान की सरल प्रक्रिया, फ्लो-चार्ट भी है आसान

विहित प्रक्रिया का करें अनुपालन, बिना विलंब लगान भुगतान।


'भू-लगान बिहार' वेबसाइट को खोलें, दिखेगा 'ऑनलाइन भू-लगान' पोर्टल

जिला, अंचल, हल्का ,मौजा भरकर अपनी जमाबंदी पेज खोलें रैयत।


'देखें' बटन को करें क्लिक, लगान संबंधी सूचनाएँ होगी अंकित

'बकाया देखें' क्लिक करने पर बकाया लगान होगा परिलक्षित।


'ऑनलाइन भुगतान' बटन पर जाएँ, नाम-पता भरें तत्काल

'भुगतान बटन' पर क्लिक करने से, दो विकल्प देती सरकार।


ऑनलाइन नेट बैंकिंग पहला, दूसरा चालान माध्यम से भुगतान

ऑनलाइन पेमेंट करने पर, बिना कमीशन के भुगतान।


भुगतान सफल स्क्रीन पर देखें, लगान रसीद करें डाउनलोड

ऑनलाइन भुगतान करने पर, समय बचत कर सकते लोग।


चालान द्वारा भुगतान व्यवस्था, पी0एन0बी0, एस0बी0आई0 में जारी

सुविधानुसार विकल्प चुनने की, रैयतों की अब है बारी।


ऑनलाइन भुगतान संग-संग, ऑफलाइन के भी प्रावधान

ऑनलाइन भुगतान है उत्तम, डिजीटल इंडिया का आह्वान।


समय बचत, शुद्धता पारदर्शिता, विभाग का उद्देश्य महान

ऑनलाइन लगान भुगतान, कर घर बैठे निपटाएँ काम।

Friday, August 7, 2020

शरद-सौंदर्य


श्वेत-धवल चादर अवनी पर

ऊपर नील-धवल आकाश

ऋतु शरद का शुभ आगमन

विदा होती है जब बरसात

धरती कास-कमल आच्छादित

मंद-सुवासित बहे बयार। 

दिन छोटे और रातें लंबी

वातावरण समशीतोष्ण

चन्द्रमा की अमृत वर्षा

'जीवेम् शरदः शतम्'

नव-उत्साह सृजन परिचायक

पुलकित जन-मन, अंग-तरंग।

घनी घास, हरीतिमा मखमली

अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य

ताल-तड़ाग की छटा मनोहर

शरद पूर्णिमा दिन त्राटक

कमल-दल सुरभि संवाहक

मनभावन है ऋतु शरद।

शीतकाल का द्वार खोलकर

लाती शरद पर्व-त्योहार

दशहरा, दीवाली, विश्वकर्मा पूजा

कोजागरा में हर्ष-उल्लास

हरसिंगार पुष्प की वर्षा

धान की बाली, फूले कास।

परिवर्त्तन नियम प्रकृति का

ऋतु-परिवर्त्तन है संकेत

उमस और वर्षा से निःसृत

नई ऊर्जा, नव परिवेश

स्वच्छ, धवल, आचरण हो निर्मल

शरद-ऋतु का शाश्वत संदेश।।