Wednesday, May 20, 2020

संगीत है पाथेय





गायन, वादन, नृत्य का सुन्दर है संयोग
स्वर, ताल, लय का संगीत है योग
राग, भाव, मर्म का है मिश्रित प्रतीक
गंगा, यमुना, सरस्वती की धार है संगीत।

वेद की ऋचा है, सृष्टि का पर्याय
संतों की स्वर-साधना का है आराध्य
मन, आत्मा, हृदय की सहज है अनुभूति
भक्ति, मुक्ति, आत्मानुभूति का भाव है संगीत।

कवि की कविता है कल्पना की उड़ान
तनावमुक्त जीवन का संगीत है रामवाण
जड़-चेतन,पशु-पक्षी भी हो जाते हैं मंत्रमुग्ध
जीवन के हर मर्ज की उपयुक्त दवा संगीत।

योगी का योग है आसमान का मेघ
तर्क, विद्या-बुद्धि का संगीत है सुमेल
फूल की सुरभि और धरती की हरियाली
संगीत के सात सुरों में जीवन की खुशहाली।

जीवन की आपाधापी में कोई न दूजा मीत
स्थिर मन, हृदयशांति का साधन है संगीत
संगीत ही जीवन है, संगीत ही है ध्येय
सुख-शांतिमय जीवन का संगीत है पाथेय।।


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