शक्तिपूंज, जाज्वल्यमान
युवाशक्ति नक्षत्र समान
देश की है आन-बान
वीरता के कीर्तिमान
राग-द्वेष का शमन
शत्रु का करे दमन
युवाशक्ति को नमन।
ज्ञान में, विज्ञान में
सृजन, सम्मान में
समृद्धि सोपान में
स्वदेश की शान में
कभी नहीं रूके चरण
विकास के खिले चमन
युवाशक्ति को नमन।
खेत-खलिहान में
सूचना-तकनीक में
अंतरिक्ष उड़ान में
युद्ध के मैदान में
देश की शान में
निरंतर बहते स्वेदकण
युवाशक्ति को नमन।
लक्ष्य पर टिके नयन
बढ़े चले चपल चरण
शस्त्र भी और शास्त्र भी
देश में कायम अमन
प्रहरी है देश की
देश ही सेवा धरम
युवाशक्ति को नमन।।

युवा शक्ति ही भारत के निर्माता है। प्रेरणादायक एवं जीवंत कविता।
ReplyDeleteबेहतरीन👌🏻
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