पड़ोसी है देवरिया,चंपारण और सीवान
चेरोकालीन भग्वानावशेष माँ थावे में विद्यमान
गंडक,दाहा,वानगंगा झरही करे कीर्ति गान
गौ-पालन का क्षेत्र है,
गोपालगंज है महान।
आम्रग्राम,जम्बूग्राम,भागोपट्टी,श्रीमयूर
बुद्ध के चरण पड़े,रहसू भगत हैं मशहुर
सांस्कृतिक विविधता,गौरवमय है अतीत
स्वतंत्रता सेनानी
पैदा हुए शूरवीर
साम्प्रदायिक सौहार्द
का स्थापित है कीर्तिमान
गोपालगंज है महान।
शस्य श्यामला धरा,गन्ने की महक-मिठास
माझागढ़,हथुआ राज,मकदूम साहेब का मजार
आल्हा,विरहा,कजरी वो सोहरगान
ईद-होली संग मनाए
हिन्दू और मुसलमान
गोपालगंज है महान।
नदियों के कल कल
में
पक्षी के कलरव में
जन-जन सुने यही
तान
मिलजुल कर हम बढ़ें
घर घर में सुख शांति
गोपालगंज है महान।।

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