मानव जीवन है अनमोल
बिना प्रबंधन डांवांडोल
प्रबंधन से सम्भव दिव्य-दृष्टि
सकारात्मक सोच, जीवन-संतुष्टि
संयम, समन्वय और सहयोग
सफल प्रबंधन के मूल श्रोत।
मानव स्वभाव और व्यवहार
जीवन प्रबंधन का आधार
जीवन का कारक नेक कर्म
सुख-शांति, समृद्धि का मर्म
जीवन एक पवित्र अनुबंध
सही प्रबंधन ही अवलंब।
जीवन-यात्रा बड़ी विचित्र
चाही-अनचाही घटना निश्चित
परिस्थिति पर चले नहीं वश
मन: स्थिति अनुकूल करना कर्तव्य
बिखरा-बिखरा विचलित मन
स्थितप्रज्ञता में है आनंद।
सही-सटीक प्रबंधन सार
कर सकते सपने साकार
सही इरादा, कर्म प्रधान
सचमुच जीवन का वरदान
जीवन-पथ का अग्रदूत
सफल प्रबंधन, स्वर्णिम-सूत्र।।
Bahut sundar sir
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