Tuesday, March 23, 2021

शब्द-सामर्थ्य


अभिधा,लक्षणा,व्यंजना

शब्द-शक्ति के रूप

कथित,लक्षित,व्यंजित

शब्द हैं ब्रह्म स्वरूप

शब्द शक्ति से ही नि:सृत

     काव्य में रस-संचार

संगीत की स्वर-लहरी में

छिपा शब्द-भंडार ।

शब्दों से ही मिलती है

ताली या आपत्ति

शब्द प्रमाणित औषधि है,

घर लाए सुख-शांति

शब्द-शक्ति से बन जाते है

मनुज के बिगड़े काम

शब्दों पर ही निर्भर हैं

अच्छे-बुरे परिणाम ।

बनते-बिगड़ते, रिश्ते-नाते

शब्दवाण दुश्मन घर लाते

शब्द हार है,शब्द जीत भी

शब्द हँसाते,शब्द रुलाते

दिल-दिमाग़ से सोचें बोलें

शब्द अमृत-विष बरसाते

मधुर शब्दों के वातायन

वातावरण को स्वच्छ बनाते ।

मृदु बोली है रामवाण,

कर सकते निश्चित हितसाधन

जादुई प्रभाव शब्द का,

वाक् संयम,उचित अनुशासन

शब्द है व्यवहार परिचायक,

शब्द प्रकट करते संस्कार

बोलें प्रिय-मधु शब्द सदा,

सार्थक शब्दों का करे व्यवहार।।

 

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