Saturday, March 20, 2021

स्वतंत्रता नहीं है बंधनों का अभाव

स्वतंत्रता है मनुज का

जन्मसिद्ध अधिकार 

अप्रतिम भाव है 

है सुखद अहसास

संतुष्टि,आत्मसम्मान का

स्वतंत्रता है पर्याय 

प्रबंधन है जीवन का 

नहीं है बंधनों का अभाव ।

                स्वयं के कार्यकलाप का 

                स्वयं से नियंत्रण 

                व्यक्ति और समाज के 

                संबंध का निरुपण

                स्वतंत्रता अधिकार है 

                स्वतंत्रता कर्तव्य भी 

                मनुज की दशा–दिशा  

                सकारात्मक मार्ग भी ।

नैतिक गुणों का श्रोत है 

व्यक्तित्व विकास का आधार 

सोपान है समृद्धि का 

लक्ष्यप्राप्ति का है सार 

सामाजिक सुख-शान्ति हेतु 

स्वतंत्रता है अमूल्य 

स्वतंत्रता तो साध्य है 

इसके अनेक रूप ।

सामाजिक बंधनों में ही

स्वतंत्रता है सार्थक

मानव अस्तित्व का

स्वतंत्रता है रक्षक

स्वतंत्रता का उपभोग करें

औरों का भी रखे ध्यान

सामाजिक जीवन में ही

निहित है मानव कल्याण ।।


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