बच्चे होते हैं जिज्ञासु
करें जिज्ञासा उसकी शांत
प्रश्नोत्तर से ही मिटेगी
उसकेकच्चे मन की भ्रांति
जिज्ञासा ही है बच्चों की
ज्ञानवृद्धि का उत्तम माध्यम
परिवार ही प्रथम पाठशाला
बच्चे का होता है दर्पण ।
तुलना करें न अन्य बच्चों से
कुंठित होगी उसकी इच्छा
प्रिय वाणी से बढ़े मनोबल
प्रगति करेगा निश्चित बच्चा
खेलें-कूदें समय दें उसको
प्रतिदिन घंटे-दो-घंटे
मित्रवत व्यवहार करें उससे
बच्चे होते मन के सच्चे ।
अपनी इच्छा न लादें कथमपि
कभी नहीं दें अनुचित प्रेशर
मनोनुकूल क्षेत्र ही चुनना
भविष्य के लिए होगा श्रेयस्कर
प्रेरित करें, सहयोग करें
सम्मान करें उसकी इच्छा का
अपनी मर्ज़ी के क्षेत्र में अग्रसर
फहराएगा वह विजय-पताका ।
पारिवारिक वातावरण का निश्चित
बच्चे पर पड़ता है असर
माता-पिता का प्यार-दुलार
बच्चों का होता पथ-दर्शक
अच्छी शिक्षा दें बच्चों को
सही मार्ग पर पालक-बालक
नींव सुदृढ़ होने पर ही
सही बने मज़बूत इमारत ।।

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