खुशी है अंतर्मन की ऊर्जा
खुशी नहीं है बाह्य पदार्थ
भौतिकता से कभी न संभव
मुदित-मन खुशी का राज
प्राप्त वही पर्याप्त जीवन में
अनंत इच्छा से होती व्याधि
आवश्यकता-इच्छा में अंतर से
सुखमय जीवन, खुशी की प्राप्ति ।
खुशी तो रंग-विरंगी तितली
पीछा कर मिलता है कष्ट
धैर्य मात्र अवलंब मनुज का
खोज खुशी की सचमुच व्यर्थ
सरल जीवन, सदविचार की
जग में होती श्रद्धा-कद्र
जागृत कर सकारात्मक ऊर्जा
सुख-शांति सुलभ सर्वत्र ।
अंतर्मन में ही टटोलना
सुख-शांति, खुशी की
राह
परोपकार-उपकार है माध्यम
प्रकृति परिवर्तन की दरकार
माया-मोह से दूर खुशी
मायापति खोलें खुशी के द्वार
स्थितप्रज्ञता है श्रेयस्कर
अल्प इच्छा जीवन आधार ।
जीवन सुख-दुख का है संगम
हास्य-रुदन का हो आलिंगन
समय-चक्र-चालित है जीवन
वक्त प्रबल व्यक्ति अकिंचन
खुशी कर्मफल भोग चिरंतन
हार-जीत का हो अभिनंदन
ईश्वर इच्छा ही हृदयंगम
खुशी और गम ही जीवन-दर्शन ।।

आप वास्तविक जीवन से रूबरू करा देते है, सर आपका बहुत बहुत धन्यवाद
ReplyDeleteआपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन सदैव इसी प्रकार बना रहे।