Saturday, August 14, 2021

खेत-खलिहान

ग्रामीण अस्मिता के संवाहक 

सुख-समृद्धि के सोपान

भारत की आत्मा खेतों में

गाँव की इनसे पहचान

खाद्य उत्पादन के उत्प्रेरक

खेत, खलिहान और किसान ।

               सीधी, टेढ़ी-मेढ़ी आर

               खेतों के गले की हार

               कहीं हल तो कहीं ट्रैक्टर

               बीनें कहीं ख़र-पतवार

               रोपनी-कटनी दृश्य मनोरम    

               पकी फ़सल खलिहान गुलज़ार ।

सुबह-शाम खेत ही जीवन

खेत बिना जीवन वीरान

माथे पगड़ी और मुरैठा

हाथ में लाठी है पहचान

अर्थ-व्यवस्था की रीढ़ कृषक हैं

कर्म क्षेत्र खेत खलिहान ।

                खेतों से आती ख़ुशहाली

                कृषकों में ऊर्जा संचार

                हरे-भरे खेत लगे सुहावन    

                प्राकृतिक शोभा के भंडार

                असली भारत बसे गाँव में

                खेत खलिहान जीवन आधार ।

कृषि प्रधान देश भारत में

अर्थ व्यवस्था के आयाम

शस्य-श्यामला हरित-भरित

लोगों के बसते मन-प्राण

औद्योगीकरण के युग में

संरक्षित हों खेत खलिहान ।।

Monday, August 2, 2021

श्रम शक्ति

श्रम ही शक्ति, श्रम ही पूजा

इसका कोई विकल्प न दूज़ा

श्रम शक्ति दुनिया को प्यारी

कभी जाए न मेहनत ख़ाली

पत्थर काट बनती है राह

दशरथ माँझी बने सरताज ।

                    श्रम से ही सपने साकार

                    सफल जीवन का आधार

                    चींटी चलती कोशों दूर

                    आलस्य उसे नहीं मंजूर

                    श्रम शक्ति अनुपम, अनमोल

                    श्रम से बदले भाग्य योग ।

श्रम से कृषक उगाते अन्न

देश बने सक्षम-संपन्न

श्रम ही साधन, श्रम ही ध्येय

जीवन पथ का है पाथेय

श्रम से ज्ञान, श्रम से विज्ञान

श्रम से पूर्ण आस-अरमान ।

                    श्रम से जी चुराना पाप

                    बिना श्रम जीवन अभिशाप

                    श्रम से सुलझे बिगड़े काम

                    श्रम ही संज्ञा और सर्वनाम

                    वेद-पुराण का अंतर्निहित मंत्र

                    श्रम ही जीवन का मूलमंत्र ।।

Saturday, July 24, 2021

सादा जीवन है वरदान

दिखावा, आडंबर, अहंकार  

कृत्रिमता का कर परित्याग

सरलता, सादगी, सदव्यवहार

शांत अंत: करण, उच्च विचार

सहयोग, सम्मान, परोपकार

सफल जीवन के मूलाधार ।

गांधी, बुद्ध, और महावीर

मुंशी प्रेमचंद, संत कबीर

विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस

सादगी भरा समस्त जीवन

इच्छाओं का कर दमन-शमन

सादगी के प्रतीक कई संत ।

सादगी से चरित्र उज्ज्वल

रहन-सहन स्वच्छ निर्मल

अहिंसा, सत्कर्म, जनहित कार्य

सादा जीवन, सही विचार

अनंत इच्छा दुःख का कारण

साधारण बनना है असाधारण ।

त्याग, तपस्या अप्रतिम

भारतीय संस्कृति की है नींव

सादगी है सफलता का पर्याय

सहनशीलता, संयम है अनिवार्य

सादा जीवन सचमुच वरदान

सादगी में ही मानव कल्याण ।।

Saturday, July 10, 2021

गामक शीतल बसात

थाकल-हारल सदिखन मोन

शहरक जिनगी कान बिनु सोन

आपाधापी ओ भागमभाग

अपन गीत, अपन राग 

अपनापनक आस मतिभ्रम

दुःख मे दुर्लभ भेटब संग 

एकहि विकल्प एक गोट आस 

गामक बाट, गामक ठाठ

शहरक हवा सँ सरिपहुँ

नीक गाम-घरक बसात ।

                    शहरक जिनगी फ़्लैट मे सिमटल

                    दूरक पड़ोसी, यंत्रवत जिनगी

                    सभ किछु उपलब्ध मुदा

                    अपस्यात लोकसभ

                    चैन नहि जिनगी मे

                    आपकता अछि सिकुड़ल

                    गाम-घरक जिनगी थिक

                    प्रकृतिक सनेश-अथाह

                    शहरक जिनगी सँ सरिपहुँ

                    नीक गामक शीतल बसात ।

शहर जकाँ गाममे सेहो

ईर्ष्या-द्वेष, राग-विराग

प्रतिस्पर्धा, ओदौदक संग 

आडंबर, मिथ्या अलाप

इंसानियत जीवंत दृष्टिगत

सहयोग, त्याग, उपकार

दुःख मे मदतिक लेल अग्रसर

बीसरि पुरनका बात

शहरक दवाय सँ बेसी हितकर

गाम-घरक मलय बसात ।

                    ऊँच घर पक्का कंक्रिटक

                    चौरगर चमकैत बाट सपाट

                    राति जगमग दिन जकाँ

                    फ़्लाईओवरक सगरे जाल

                    गामक आनंद कतय शहर मे

                    प्रदूषण सँ वातावरण व्याप्त

                    देशक आत्मा बसल गाम मे

                    सर्वविदित अछि, सर्वज्ञात

                    शहरक जिनगी ज़ँ अछि उत्तम 

                    अति उत्तम गाम-घरक बसात ।।







Wednesday, June 30, 2021

गाँव की शीतल हवा


एकाक़ीपन का द्वंद्व

उद्वेलित अंतर्मन

थका-थका और व्यथित

अवसादित जनमन

आशा की एक किरण

एक ही विकल्प-आस

मनुज के हर मर्ज़ की

एक ही अचूक दवा

शहर की दवा से अच्छी

गाँव की शीतल हवा ।

            शहर की संस्कृति

            अपार्टमेंट में सिमटी

            दूर के पड़ोसी

            यंत्रवत ज़िन्दगी

            सबकुछ उपलब्ध यहाँ

            अपनत्व के सिवा

            अमृत-सरीखी है

            प्रकृति का अनुपम उपहार

            महौषधि है रामवाण

            गाँव की शीतल हवा ।

द्वेष भी, विद्वेष भी

आडंबर, आलाप भी

गाँव की ज़िन्दगी में

प्रतिस्पर्धा की आँच भी

इंसानियत जीवित फिर भी

सहयोग, सम्मान भी

कष्ट और विपत्ति में

न गिला, न शिकवा

शहर की दवा से अच्छी

गाँव की शीतल हवा ।

            गगनचुंबी अट्टालिकाएँ

            फ़्लाई ओवरों का जाल

            चमकीली सड़कें हैं

            हरित-भरित घिरे पार्क

            खेतों की हरियाली कहाँ

            विस्तृत अमराई नहीं

            गीत गातीं ललनाएँ

            दृष्टिगत जहाँ सदा

            शहर की दवा से अच्छी

            गाँव की शीतल हवा ।।

Sunday, June 6, 2021

मित्रता


दुनिया का सुंदरतम रिश्ता

शक्ति का है प्रबल स्तंभ

पारस्परिक लगाव का बंधन

मित्रता है अनमोल रत्न

उत्तम वैद्य और दु:ख नाशक

जीवन का है अनुपम छंद।

मित्रता में बड़ी शक्ति है

सच्चा मित्र उज्ज्वल दर्पण

ख़ुशी का अशेष भण्डार है

मित्रता है जीवन दर्शन

दुख में सम्बल, नेक, फ़रिश्ता

इससे बड़ा नहीं कोई धन।

औपचारिकता मात्र नहीं है

उत्तरदायित्व का कराती बोध

अकेलेपन का सहचर है

दुःख में देती है अनुतोष

सकारात्मक प्रवृत्ति जीवन में

मित्रता में है परम संतोष।

कृष्ण-सुदामा, कर्ण-दुर्योधन

कृष्ण-अर्जुन, सुग्रीव-राम

अमूल्य निधि है जीवन की

मित्रता का सतत् सम्मान

मृदुल,पुरुषार्थी,शिष्ट,सत्यनिष्ठ 

ईश्वर का अद्भुत वरदान ।

पवित्र रिश्ता है जीवन का

जीवंतता की है प्रतीक

मित्रता की परख विपत्ति में

तनाव-भंजक है सच्चा मित्र

मित्र बनाएँ और निभाएँ

मित्रता है जीवन संगीत ।।

Wednesday, April 28, 2021

कोरोना को हराना है

विधि के विधान के आगे

नतमस्तक, बेबस, लाचार

निष्ठुर और निर्दयी कोरोना

लील रहा है घर-परिवार

मायूसी बदल रही मातम में

उजड़ रहा सुखी संसार

कभी-कभार जलती थीं लाशें

लंबी लगी है आज क़तार।

अस्पताल में आपाधापी

ऑक्सीज़न की पड़ती मार

अगले पल का कहना मुश्किल

किसकी बारी अबकी बार

घातक है कोरोना वाइरस

सर्वत्र मचा है हाहाकर

स्वयंसेवी संस्थाएँ सक्रिय

प्रयासरत है राज्य सरकार ।

संक्रमण की स्थिति है नाज़ुक

आक्रांत देश विश्व परिवार

कोरोना वाइरस से बचाव हेतु

टीकाकरण है अनिवार्य

जाँच, दवा संग आत्म-नियंत्रण

सामाजिक दूरी की दरकार

मास्क का प्रयोग करें निरंतर

अपनी सुरक्षा अपने हाथ ।

जीवंत जिजीविषा से

परिपूरित जनमानस

कोरोना को हराना है

सतर्क, सावधान रहकर

दृढ़ इच्छाशक्ति, हौसला

सम्बल है सहायक

जीत तो है निश्चित

प्रयास करें हम मिलकर ।।