जीवन गढ़े कुम्हार सदृश
शिक्षक समाज के शिल्पकार
मानवीय गुणों के उत्प्रेरक
सफल जीवन के सूत्रधार
तम करे दूर, उज्ज्वल प्रकाश
अंतर्निहित क्षमता विकास
शिक्षक जगमग प्रकाश-पुंज
शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।
शिक्षक पवित्र त्रिवेणी संगम
गंगा, यमुना, सरस्वती
गंगा शाश्वत मूल्य की रक्षक
यमुना जीवंत वर्तमान नीति
सरस्वती में समाहित है भविष्य
शिक्षक जीवन मूल्य प्रतीक
शिक्षक अभाव में जीवन शून्य
शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।
शिष्य-शिक्षक का अटूट है बंधन
श्रद्धा, विश्वास का प्रतीक
शिक्षक हैं जीवन का दर्पण
कर्तव्य पालन की देते सीख
अनुशासन-पाठ, दायित्व-बोध
शिक्षक सहयोगी मानव मीत
उनकी देन अद्भुत-अमूल्य
शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।
शिक्षा का परिदृश्य है बदला
बदला शिक्षक का दायित्व
व्यवसायीकरण की आपाधापी में
बदल गया है जीवन-मूल्य
नैतिक मूल्यों की संरक्षा
शिक्षक का गुरुतर दायित्व
शिक्षा पर निर्भर मानव वजूद
शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।
शिक्षक सचमुच हैं असाधारण
साधारण कथमपि नहीं शिक्षक
वे तो हैं राष्ट्र निर्माता
निर्भर उनपर सुनहरा कल
मानव भविष्य शिक्षा पर निर्भर
शिक्षक हैं आराध्य-स्तुत्य
शिक्षक की महिमा अनंत-अतुल्य
शिक्षक पूज्य, ईश्वर तुल्य ।।



