शाश्वत-सनातन, नूतन-पुरातन
हर पल, हर क्षण, नव अन्वेषण
क्षण में नूतन, क्षण में पुरातन
नव-पुरातन, जीवन आभूषण ।
समय
चक्र, परिवर्तित जीवन
बीता
पल-क्षण, अंश पुरातन
वक्त
की सत्ता जारी आजीवन
नित्य
नवल औ’ चंचल जीवन ।
परिवर्तन लक्षित संवर्धन
प्रकृति को प्रिय है परिवर्तन
पतझड़ अनुवर्ती वसंत आकर्षण
परिवर्तन आनंद का दर्पण ।
जीवन-ध्वनियाँ नव-पुरातन
सुख-
दुख का अनवरत प्रक्रम
पुरातन निसृत है नवीनतम
जीवन मणियाँ
नव-पुरातन ।
नव-पुरातन जीवन-दर्शन
कर्म-पथ पर जीवन अर्पण
मन अश्व सम, सतत नियंत्रण
नव-पुरातन हो हृदयंगम ।।






