सकारात्मक सोच है दिव्यशक्ति
धवल-निर्मलता की प्रतीक
शुभ, मंगलमय ऋद्धि-सिद्धि
मनोबल में होती है वृद्धि
सकारात्मकता से होती है
मन में उर्जा का संचार
नकारात्मकता भरती जीवन में
तनाव, कुढ़न और अंधकार।
मानव-मस्तिष्क की
संरचना
कम्प्यूटर से
कहीं अधिक जटिल
ईर्ष्या-द्वेष के वायरस से
मन-मस्तिष्क को रखें दूर
अच्छे, सार्थक संपर्क-संबंध
समस्या समाधान
हेतु रामबाण
वैमनस्य, कटुता से
जीवन में
अशांति, घृणा, मिले अपमान।
सकारात्मक सोच है
आधार
जीवन में लाना है
बदलाव
हर रोज नया कुछ
करना है
सृजनशीलता से रखना
लगाव
सोच का दायरा बढ़े
निरंतर
कठिन परिस्थितियों
में आत्मविश्वास
पारिवारिक, सामाजिक
जीवन में
सामंजस्य का करें सही प्रयास।
नकारात्मक विचारों
को रखना दूर
सकारात्मक कार्यों
में रहकर व्यस्त
अच्छे शौक पालें
जीवन में
अध्यात्म हो या
क्रॉसवर्ड
जैसी सोच, वैसा इंसान
रखना होगा इसका ध्यान
सुख-दुख आते-जाते
रहते
स्थितप्रज्ञता में
ही कल्याण।।
No comments:
Post a Comment