Tuesday, December 21, 2021

नदी की आवाज

 


सभ्यता
-संस्कृति की संवाहक

जीवन-प्रवाह की है प्रतीक

जीवन दायिनी होती नदियाँ

निरंतरता की देती हैं सीख

जलश्रोत मात्र नहीं नदियाँ

नदियाँ मधुर जीवन संगीत।

          जलीय जीवों की आश्रय स्थली

          जल ऊर्जा की अनुपम श्रोत

          कृषि, सिंचाई, मछली पालन

          नदी नीर पर निर्भर लोग

          विरासत और विकास की जननी

          जल आधारित विकास-उद्योग।

गंगा-जमुनी संस्कृति हमारी

नदियों पर हम करते गर्व

आस्था, विश्वास की परिचायक

मनाते हम नदी-उत्सव

नदियों को रखना स्वच्छ-धवल

जल-संरक्षण ही सही विकल्प।

        जीवन-रेखा जड़-चेतन की

        अस्तित्व है संकट में आज

        प्रदूषण मुक्ति हेतु नदियाँ

        कल-कल कर देतीं आवाज़

        नदी की रक्षा, अपनी रक्षा

        अविरल रखें नदी जल धार।।

Friday, December 3, 2021

समय की सत्ता

समय की होती अपनी सत्ता 
होती इसकी अपनी चाल  
इसकी धारा कभी न रुकती
आगे होते इसके बाल
समय पर होते ऋतु-परिवर्तन 
समय की लीला अपरंपार 
समय के साथ चलना श्रेयस्कर
समय अनुकूल उचित व्यवहार ।
               समय बड़ा अनमोल रत्न है
               करें नहीं समय बर्बाद 
               बेहतर उपयोग अपेक्षित-वांछित
               समय-चक्र चालित संसार 
               समयबद्ध हो जीवन-चर्या
               समय पर काम, पूर्ण प्रयास 
               समय की क़द्र मूलमंत्र है
               फल की प्राप्ति कर्म अनुसार ।
समय के सदुपयोग से मिलती
जीवन में शांति-समृद्धि
समय जोड़े संबंधों के पुल 
समय सुधा अमूल्य निधि 
समय को बदलें अवसर में 
निश्चित होगी कार्य-सिद्धि 
समय को पकड़ें सही समय पर
समय पालन से ही श्री वृद्धि ।
                 टाल-मटोल की नीति है घातक
                 समय पर काम, सार्थक सोच 
                 समय पालन जीवन-दर्शन है 
                 समय का करें सम्यक् उपयोग 
                 कार्य सम्पन्न करना है तत्क्षण
                 कल पर नहीं छोड़ना काम 
                 समय-प्रबंधन उन्नति कारक
                 समय पालन पर केंद्रित ध्यान ।।

Thursday, November 11, 2021

छठ महिमा


आस्था का है पावन पर्व 
प्रकृति पूजा का परिचायक
मनोकामना सिद्धि, फलदायक 
छठी मैया सुख-शांति प्रदायक
सामाजिक सद्भाव, प्रेम संग 
परंपरा से जुड़ते लोग 
सूर्य उपासना, अर्घ्य अर्पण
छठ पर्व मनाते लोग ।
            ईख, अदरक, हल्दी, सुथनी
            सूप-सुपती, बर्तन-दऊरा
            पोखर-तालाब, नदी कछार पर 
            लोगबाग करते हैं पूजा 
            प्रकृति प्रदत्त, मानव निर्मित 
            नारियल, केला, ठेकुआ, खाजा
            अस्त-उदीयमान की पूजा
            समतामूलक पर्व न दूजा ।
दूर-दूर से परिजन-पुरजन
मिलते हैं छठ के अवसर पर 
छठी मैया की पूजा करते
छोटे-बड़े, बन्धु-बाँधव
साफ़-सफ़ाई, स्वच्छता, सुंदरता 
घाट-बाट करते जगमग 
पर्यावरण रक्षण, संरक्षण 
मानव कल्याण करें भरसक ।।

Friday, October 29, 2021

आँसू होते मन के मीत



ख़ुशी के आँसू, गम के आँसू 

गहन पीड़ा, संताप के आँसू 

छू जाय जब मन के तार

आँसू बनते मन के द्वार 

आँसू जैसे सीप में मोती 

स्नेह-प्रेम की सही कसौटी l

                दिल पर जब लगती है चोट 

                दु:स्सह दुःख पीड़ा का बोझ 

                हर्ष का मन में जब अतिरेक 

                रुकते नहीं आँसू के वेग 

                मन हल्का कम करते शोक 

                आँसू सचमुच हैं अनमोल l

आँखों की नमी के रक्षक 

आँसू वे कहलाते बेसल 

नयन साफ़, स्वच्छ परिवेश 

आँसू होते वे रिफ्लैक्स लेक्श

नेत्रनीर भर आते लोचन

भावुक मन, परिपूर्ण इमोशन l

                आँसू होते मन के मित्र 

                तन-मन निर्मल और पवित्र 

                जीवन को रखते जीवंत  

                इनकी शक्ति असीम-अनंत 

                संवेदना, शिल्प के खोले द्वार 

                जीवनसाथी हैं अश्रुधार।।


Wednesday, September 29, 2021

धन्य-धन्य मिथिला महान

पुराणों में है महिमा-मंडन

अप्रतिम है कीर्तिमान

ज्ञान-बुद्धि की भूमि उर्वरा

हीरा-मोती की है खान

शस्य-श्यामला हरित भूमि

धन्य-धन्य मिथिला महान । 

        जनक-विदेह की भूमि है मिथिला

        कवि कोकिल के मधुर गान

        विद्योत्तमा, गार्गी, मैत्रेयी

        मंडन-भारती का पवित्र धाम

        साहित्य, कला, संगीत धरोहर

        धन्य-धन्य मिथिला महान ।

सभ्यता-संस्कृति, रहन-सहन

मछली, मखाना, पाग, पान

शिक्षा,कृषि,व्यवसाय आदि में

गागर में सागर का भान

सांप्रदायिक सौहाद्र की धरती

धन्य-धन्य मिथिला महान ।

        हीरा-मोती से भरे पड़े

        योजक बनने का है काम

        विविध विधाओं के सुमेल से

        स्वच्छ, सुंदर मिथिला धाम

        विरासत अमूल्य हमारी

        धन्य-धन्य मिथिला महान ।

त्रुटियां कुछ अपेक्षित-वांछित

नीर-क्षीर विवेक का काम

बाईस कैरेट स्वर्ण ही

उत्तम आभूषण का नव निर्माण

जन-जन का सम्मान बढ़े

धन्य-धन्य मिथिला महान ।।

Thursday, September 23, 2021

आएं! बनाएं मॉडल ग्राम

भारत की आत्मा गांवों में

ग्राम्य विकास है अभीष्ट

गांवों के विकास पर निर्भर

सबल राष्ट्र की सुदृढ़ नींव

सहयोग, समन्वय है आवश्यक

अपेक्षित,सार्थक परिणाम

आएं! बनाएं मॉडल ग्राम।

सामाजिक,आर्थिक और सांस्कृतिक

शिक्षा, स्वास्थ्य,आवास

कृषि,पशुपालन भी है शामिल

मॉडल ग्राम का मूलाधार

आपसी सहयोग आधारित

मिलेंगे वांछित परिणाम

आएं! बनाएं मॉडल ग्राम ।

स्वच्छ, सुंदर गांव की गलियां

जगमग, चकमक होंगे मार्ग

ग्राम चयनित सही योजना

आत्म निर्भर ग्राम समाज

आपसी सहमति से बंटवारा

भू-विवाद पर लगे विराम

आएं! बनाएं मॉडल ग्राम ।

परिकल्पना है सचमुच अच्छी

संकल्प शक्ति है इसके प्राण

सतत क्रियाशीलता पर निर्भर

गांव-घर का मान-सम्मान

आगे बढ़ें, निर्माण करें

मॉडल ग्राम है आन-बान

आएं! बनाएं मॉडल ग्राम ।।

Wednesday, September 15, 2021

मिथिला अछि नक्षत्र समान


देशक मानचित्र पर

मिथिला अछि नक्षत्र समान

प्रगति करत, आगु बढ़त

आत्मनिर्भर बनत गाम। देशक मानचित्र........

मिलिजुलि कय संकल्प करी  

अभीष्ट अछि मॉडल गाम

मान बढ़त, सम्मान बढ़त

स्वच्छ, सुंदर बनत गाम। देशक......  

विकासक बात करी  

उन्नति करत अपन गाम

समेकित प्रयास सॅ

मॉडल बनत मिथिला धाम। देशक.....

मखानक खेती संग

सुअदगर मांगुर माछ

सभ गोटेक हरखित मोन

घर घर में धान-पान। देशक.....

सामाजिक सौहार्द सॅ

समस्या के समाधान

नहि होयत भू-विवाद

अपनहि मे समाधान। देशक.....

विकासक जुनून छन्हि     

माथपर जिनकर सवार  

युवा वर्ग बनल छथि

सूत्रधार, कर्णधार। देशक....  

सहयोग, समन्वय सॅ

स्थापित हैत कीर्तिमान

प्रगति करत, आगू बढ़त

आत्मनिर्भर बनत गाम। देशक.....