सभ्यता-संस्कृति की संवाहक
जीवन-प्रवाह की है प्रतीक
जीवन दायिनी होती नदियाँ
निरंतरता की देती हैं सीख
जलश्रोत मात्र नहीं नदियाँ
नदियाँ मधुर जीवन संगीत।
जलीय जीवों की आश्रय स्थली
जल ऊर्जा की अनुपम श्रोत
कृषि, सिंचाई, मछली पालन
नदी नीर पर निर्भर लोग
विरासत और विकास की जननी
जल आधारित विकास-उद्योग।
गंगा-जमुनी संस्कृति हमारी
नदियों पर हम करते गर्व
आस्था, विश्वास की परिचायक
मनाते हम नदी-उत्सव
नदियों को रखना स्वच्छ-धवल
जल-संरक्षण ही सही विकल्प।
जीवन-रेखा जड़-चेतन की
अस्तित्व है संकट में आज
प्रदूषण मुक्ति हेतु नदियाँ
कल-कल कर देतीं आवाज़
नदी की रक्षा, अपनी रक्षा
अविरल रखें नदी जल धार।।

