Sunday, July 12, 2020

गणेश महिमा



शुभ गुण कानन देव गजानन
शिव-पार्वती पुत्र गणेश 
सिंह,मयूर और मूषक वाहन 
सिद्ध विनायक हरे क्लेश 
पाश,अंकुश,वरमुद्रा धारण
लंबोदर गणपति गणेश।

चतुर्बाहु सिर चंदन धारण
मोदक है उत्तम प्रिय भोजन 
चंद्रदेव ने किया उपहास 
तुरत दिया उनको अभिशाप 
शीघ्र प्रसन्न होते भगवान 
चंद्र देव को दिया वरदान।

चौठचंद्र का करते दर्शन 
श्रद्धा पूर्वक करते वंदन
विघ्नहर्त्ता की कृपा अनंत
धन धान्य समृद्धि संपन्न 
बुद्धि-विवेक में अतुल्य अनन्य
भालचंद्र गणेश गजकर्ण।

प्रजापति विश्वकर्मा की पुत्री 
ऋद्धि-सिद्धि के पति गणेश 
लाभ-क्षेम शुभ मंगलकारी 
रक्त वर्ण पितांबर धारी
विद्यारंभ या अन्य शुभ काम 
शुभ लाभ स्वस्तिक निर्माण।

पुराणों में विरुदावली वर्णन
गणेश लीला का महिमामंडन 
माता-पिता को मान त्रिलोक 
प्रथम पूज्य पूजै तिहूॅ ‌लोक
एकदंत बिना कोई न दूजा 
मंगल मूर्ति की करें सब पूजा।।

1 comment:

  1. दिनकर जी बनि आब अहा सकारात्मक भाव से कविता के माध्यम से Model गाव मिथिला बनायल!
    हार्दिक बधाई

    ReplyDelete