जन-जीवन जल-सा हो निर्मल
जीवन में जल-सा उमंग हो
अविरल बहता जल-प्रवाह सा
जय-विद्युत-सा शक्तिमान हो
वारिधि-सा धीर-गम्भीर भाव
जीवन शीतल जल फुहार हो ।
शीतल जल-सा हो मृदु स्वभाव
जीवों के प्रति दया भाव हो
जल के बिना असंभव जीवन
जल-संरक्षण ध्येय मात्र हो
चट्टानों से संघर्ष अनवरत
लक्ष्य प्राप्ति का विजयी भाव हो ।
पारदर्शिता हो परिलक्षित
स्वच्छ और निर्मल चरित्र हो
जलयात्रा सम जीवन यात्रा
श्रमशक्ति मानव शृंगार हो .
जल पर ही आधारित जीवन
प्रकृति प्रेम जीवन आधार हो ।
कल-कल जल, जीवन पर्याय हो
कर्मगति सहर्ष स्वीकार्य हो
नील धवल जल सा हो जीवन
लेशमात्र नहीं द्वेशभाव हो
प्रगति मार्ग पर सतत् अग्रसर
अमृत जल सा जन-जीवन हो ।।
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