Friday, April 9, 2021

नारी घर-परिवार की नींव

 

घर-परिवार की योजक होती

धैर्य की होती है प्रतिमूर्ति

कार्य-व्यवहार से निपुण-दक्ष

सहयोग समन्वय की देती सीख

घर की लक्ष्मी होती नारी

नारी घर-परिवार की नींव ।

                   नारी की पूजा जिस घर में

                   रहती सुख-शान्ति, समृद्धि

                   श्रीवृध्दि होती है निश्चित

                   नकारात्मक शक्तियाँ रहती दूर

                   संस्कारों की जननी होती

                   नारी घर-परिवार की नींव ।

सीता और सावित्री होती

मैत्रेयी, मदालसा, गार्गी

सुर-वंदिता ज्ञान-बुद्धि की

शक्तिस्वरूपा अप्रतिम

परम मित्र होती है नारी

नारी घर-परिवार की नींव ।

                सकारात्मक परिणाम दृष्टिगोचर

                भागीदारी फिर भी न्यून

                समता मूलक लोकतंत्र में  

                नारी रखती दिव्यदृष्टि 

                नर-नारी प्रगति के पहिए

                मिलकर गाएँ जीवन गीत      

नारी नारायणी है सचमुच

नारी सशक्तिकरण है अभीष्ट

जीवन के सभी क्षेत्रों में

समान अवसर, समान नीति

प्राणवायु है समाज की

नारी देश की सुदृढ़ नींव ।।

 

 

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