चित्तवृत्ति का है संपोषक
'शुद्धिकरण' का है पर्याय
सद्विचार, आचार नियामक
जीवन की नींव हैं संस्कार
वेद, स्मृति, पुराण आधारित
शुद्ध करे अंत: करण,मन- मस्तिष्क
गर्भाधान से अन्त्येष्टि पर्यन्त
सभ्यता - संस्कृति का है प्रतीक।
शांति - समृद्धि का मार्ग प्रशस्त
ईर्ष्या - द्वेष का करे परित्याग
संस्कार आलोकित दीपशिखा
शांत हृदय, सुंदर व्यवहार
मिलती है जीवन में शक्ति
आभूषण है सोलह संस्कार
अभीष्ट गुणों का करे विकास
जीवन का मधुर संगीत संस्कार।
क्रय - विक्रय की वस्तु नहीं
उपार्जित - अर्जित है संस्कार
जीने की अनुपम पद्धति है
सफल जीवन का मूलाधार
संस्कार विहीन शून्य है जीवन
शिक्षा से समृद्ध संस्कार
जीवन सोपान अलंकृत, झंकृत
संस्कार है जीवन का सार।
अच्छी परवरिश,अच्छा संस्कार
शिक्षा - समाज से सहज प्राप्त
संस्कार मानवता की पहचान
बिन संस्कार जीवन वीरान
संस्कार - मर्यादा विहीन
मानव सचमुच है दीन हीन
जीवन - पथ का अमूल्य पाथेय
संस्कार सफल जीवन का ध्येय।।

