प्रकृति पूजा का परिचायक
मनोकामना सिद्धि, फलदायक
छठी मैया सुख-शांति प्रदायक
सामाजिक सद्भाव, प्रेम संग
परंपरा से जुड़ते लोग
सूर्य उपासना, अर्घ्य अर्पण
छठ पर्व मनाते लोग ।
ईख, अदरक, हल्दी, सुथनी
सूप-सुपती, बर्तन-दऊरा
पोखर-तालाब, नदी कछार पर
लोगबाग करते हैं पूजा
प्रकृति प्रदत्त, मानव निर्मित
नारियल, केला, ठेकुआ, खाजा
अस्त-उदीयमान की पूजा
समतामूलक पर्व न दूजा ।
दूर-दूर से परिजन-पुरजन
मिलते हैं छठ के अवसर पर
छठी मैया की पूजा करते
छोटे-बड़े, बन्धु-बाँधव
साफ़-सफ़ाई, स्वच्छता, सुंदरता
घाट-बाट करते जगमग
पर्यावरण रक्षण, संरक्षण
मानव कल्याण करें भरसक ।।



