Friday, December 3, 2021
समय की सत्ता
Thursday, November 11, 2021
छठ महिमा
प्रकृति पूजा का परिचायक
मनोकामना सिद्धि, फलदायक
छठी मैया सुख-शांति प्रदायक
सामाजिक सद्भाव, प्रेम संग
परंपरा से जुड़ते लोग
सूर्य उपासना, अर्घ्य अर्पण
छठ पर्व मनाते लोग ।
ईख, अदरक, हल्दी, सुथनी
सूप-सुपती, बर्तन-दऊरा
पोखर-तालाब, नदी कछार पर
लोगबाग करते हैं पूजा
प्रकृति प्रदत्त, मानव निर्मित
नारियल, केला, ठेकुआ, खाजा
अस्त-उदीयमान की पूजा
समतामूलक पर्व न दूजा ।
दूर-दूर से परिजन-पुरजन
मिलते हैं छठ के अवसर पर
छठी मैया की पूजा करते
छोटे-बड़े, बन्धु-बाँधव
साफ़-सफ़ाई, स्वच्छता, सुंदरता
घाट-बाट करते जगमग
पर्यावरण रक्षण, संरक्षण
मानव कल्याण करें भरसक ।।
Friday, October 29, 2021
आँसू होते मन के मीत
गहन पीड़ा, संताप के आँसू
छू जाय जब मन के तार
आँसू बनते मन के द्वार
आँसू जैसे सीप में मोती
स्नेह-प्रेम की सही कसौटी l
दिल पर जब लगती है चोट
दु:स्सह दुःख पीड़ा का बोझ
हर्ष का मन में जब अतिरेक
रुकते नहीं आँसू के वेग
मन हल्का कम करते शोक
आँसू सचमुच हैं अनमोल l
आँखों की नमी के रक्षक
आँसू वे कहलाते बेसल
नयन साफ़, स्वच्छ परिवेश
आँसू होते वे रिफ्लैक्स लेक्श
नेत्रनीर भर आते लोचन
भावुक मन, परिपूर्ण इमोशन l
आँसू होते मन के मित्र
तन-मन निर्मल और पवित्र
जीवन को रखते जीवंत
इनकी शक्ति असीम-अनंत
संवेदना, शिल्प के खोले द्वार
जीवनसाथी हैं अश्रुधार।।
Wednesday, September 29, 2021
धन्य-धन्य मिथिला महान
पुराणों में है
महिमा-मंडन
अप्रतिम है
कीर्तिमान
ज्ञान-बुद्धि की
भूमि उर्वरा
हीरा-मोती की है
खान
शस्य-श्यामला
हरित भूमि
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।
जनक-विदेह की भूमि है मिथिला
कवि कोकिल के मधुर गान
विद्योत्तमा, गार्गी, मैत्रेयी
मंडन-भारती का पवित्र धाम
साहित्य, कला, संगीत धरोहर
धन्य-धन्य मिथिला महान ।
सभ्यता-संस्कृति, रहन-सहन
मछली, मखाना, पाग, पान
शिक्षा,कृषि,व्यवसाय आदि में
गागर में सागर
का भान
सांप्रदायिक
सौहाद्र की धरती
धन्य-धन्य मिथिला महान ।
हीरा-मोती से भरे पड़े
योजक बनने का है काम
विविध विधाओं के सुमेल से
स्वच्छ, सुंदर मिथिला धाम
विरासत अमूल्य हमारी
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।
त्रुटियां कुछ अपेक्षित-वांछित
नीर-क्षीर विवेक
का काम
बाईस कैरेट
स्वर्ण ही
उत्तम आभूषण का
नव निर्माण
जन-जन का सम्मान
बढ़े
धन्य-धन्य
मिथिला महान ।।
Thursday, September 23, 2021
आएं! बनाएं मॉडल ग्राम
भारत की आत्मा
गांवों में
ग्राम्य विकास
है अभीष्ट
गांवों के विकास
पर निर्भर
सबल राष्ट्र की
सुदृढ़ नींव
सहयोग, समन्वय है आवश्यक
अपेक्षित,सार्थक परिणाम
आएं! बनाएं मॉडल
ग्राम।
सामाजिक,आर्थिक और सांस्कृतिक
शिक्षा, स्वास्थ्य,आवास
कृषि,पशुपालन भी है शामिल
मॉडल ग्राम का मूलाधार
आपसी सहयोग आधारित
मिलेंगे वांछित परिणाम
आएं! बनाएं मॉडल ग्राम ।
स्वच्छ, सुंदर गांव की गलियां
जगमग, चकमक होंगे मार्ग
ग्राम चयनित सही
योजना
आत्म निर्भर
ग्राम समाज
आपसी सहमति से
बंटवारा
भू-विवाद पर लगे
विराम
आएं! बनाएं मॉडल
ग्राम ।
परिकल्पना है सचमुच अच्छी
संकल्प शक्ति है इसके प्राण
सतत क्रियाशीलता पर निर्भर
गांव-घर का मान-सम्मान
आगे बढ़ें, निर्माण करें
मॉडल ग्राम है आन-बान
आएं! बनाएं मॉडल ग्राम ।।
Wednesday, September 15, 2021
मिथिला अछि नक्षत्र समान
मिथिला अछि
नक्षत्र समान
प्रगति करत, आगु
बढ़त
आत्मनिर्भर बनत
गाम। देशक मानचित्र........
मिलिजुलि कय संकल्प करी
अभीष्ट अछि मॉडल गाम
मान बढ़त, सम्मान बढ़त
स्वच्छ, सुंदर बनत गाम। देशक......
विकासक बात करी
उन्नति करत अपन
गाम
समेकित प्रयास सॅ
मॉडल बनत मिथिला
धाम। देशक.....
मखानक खेती संग
सुअदगर मांगुर माछ
सभ गोटेक हरखित मोन
घर घर में धान-पान। देशक.....
सामाजिक सौहार्द
सॅ
समस्या के
समाधान
नहि होयत
भू-विवाद
अपनहि मे समाधान।
देशक.....
विकासक जुनून छन्हि
माथपर जिनकर सवार
युवा वर्ग बनल छथि
सूत्रधार, कर्णधार। देशक....
सहयोग, समन्वय
सॅ
स्थापित हैत
कीर्तिमान
प्रगति करत, आगू
बढ़त
आत्मनिर्भर बनत
गाम। देशक.....
Thursday, September 9, 2021
स्वाभिमान-अभिमान
स्वाभिमान-अभिमान में
बहुत सूक्ष्म है फ़र्क़
स्वाभिमान है स्व की रक्षा
अभिमान में निहित वर्चस्व
स्वाभिमान आभूषण मानव का
अभिमान दुर्गुण, अभिशाप
स्वाभिमान में अंतर्दर्शन
अभिमान पतन, संताप ।
स्वाभिमान
स्व-रक्षा का साधक
आत्मसम्मान का
है प्रतीक
अभिमान स्वार्थ
आधारित
कोई न होते
सच्चे मीत
प्रतिष्ठा, सम्मान
की रक्षा
हरदम करते हैं
खुद्दार
कार्य-व्यवहार, आचरण
की
शुचिता है
अनिवार्य ।
अभिमान पर विजय पाना ही
है सही स्वाभिमान
स्वाभिमान की श्रेष्ठता में
समाहित सत्य-ईमान
अभिमान में अंतर्निहित है
मात्र स्वयं का हित
अहं पर विजय पाने में
मानव की है सच्ची जीत ।
स्वाभिमान पर
होता जब
बार-बार आघात
टूट जाते हैं
संबंध
रिश्ते होते
तार-तार
भावनाओं की करें
क़द्र
करें नहीं कभी
अपमान
रिश्ते होते हैं
अमूल्य
दें उचित
मान-सम्मान ।।


