Monday, January 4, 2021

यथार्थ

 

कोई कहे मिले सद्गति

कोई करे शत-शत नमन

कोई कहे रेस्ट इन पीस

शोक-संवेदना का अनवरत क्रम

वह क्या कहे,क्या करे

उजड़ गया जिसका चमन

जिस पर बीते,वही तो जाने

दुःस्सह पीड़ा करे सहन।

बड़े जतन से बाग लगाया

पुष्पित हुआ आँचल-दामन

सुखद भविष्य का सपना सँजोए

आनंदित था हर पल हर क्षण

कहाँ कौन-सी चूक हुई पर

बिखर गया सुंदर घर-आँगन

झटके भर में ध्वस्त हो गया

अश्रूपूरित युगल नयन।

लेशमात्र भी नहीं थी शंका

खिला-खिला था हर्षित मन

विनाशकारी आंधी बन आई

सुख-शांति पर लगा ग्रहण

जिस मालिन के स्वेद बिंदु से

वर्धमान था वन-उपवन

काल ग्रास में समा गई

छोड़ गई पुरजन-परिजन। 

मित्र बंधु कुटुंब सभी का

शोक सांत्वना का चलता क्रम

आशा है अब भी लौटेगी

मृगतृष्णा है या मतिभ्रम

होनी तो होकर रहती है

कर ले कितने यत्न-जतन

जन्म-मृत्यु तो अटल सत्य है

सृष्टि का शाश्वत सरल नियम।। 

Friday, January 1, 2021

राह ढूँढ़ रहा

छल-प्रपंच भरी दुनिया में 

मैं सच्‍चा इंसान ढूँढ़ रहा 

स्‍वार्थ सिद्धि के बीच भंवर में 

अपने-पन की नाव ढूँढ़ रहा 

कौन-अपना और कौन पराया 

परख रहा हूँ कठिन मार्ग में 

दुख की अंधेरी रात घनेरी 

आशा का प्रभात ढूँढ़ रहा। 

सुख में साथ मिला बहुतेरे 

दुख में संगी-साथ ढूँढ़ रहा 

मातम पर बैंड बजाने वालों 

तेरे लिए सन्‍मार्ग ढूँढ़ रहा 

कोई अपना ग़र खो जाए तो 

जीवन का अंदाज ढूँढ़ रहा 

मनुज अच्‍छा मिला नहीं कोई 

देवदूत की राह ढूँढ़ रहा । 

जीवन में उम्‍मीद छोड़ चुका 

सुखद स्‍मृतियों को ढूँढ रहा 

वक्‍त बहुत बेदर्दी निकला 

रिश्‍तों में मिठास ढूँढ़ रहा 

वेदना कोई बॉंट न पाता 

परछाई नहीं साथ दे सका 

राह कठिन, पग-पग है बाधक 

यात्रा का मकसद ढूँढ़ रहा। 

इस जीवन की याद नहीं है

पूर्व जन्‍म का पाप ढूँढ़ रहा 

अबतक जिसने साथ दिया 

पग-पग पर अहसास ढूँढ़ रहा 

मृग तृष्‍णा है, जान रहा हूँ 

फिर भी उसकी राह ढूँढ़ रहा 

अभिशप्‍त लगता है जीवन 

शीध्र मुक्ति का मार्ग ढूँढ़ रहा ।। 



Thursday, December 24, 2020

वेदना


कसमें-वादे किए थे तुमने

साथ जीने और मरने की

इच्‍छा-आकांक्षाऍं अनंत थीं

हम दोनों की जीवन की

निर्बाध, निरंतर सुखी जिंदगी

पंख लगे थे सपनों के

जाने किसकी नजर लग गई

सब कुछ मेरी लुटा ले गई

जीवन-संगिनी बीच भंवर में

मुझे छोड़कर विदा हो गई।

लेटी थी गंगा के तट पर

स्मित हास थी चेहरे पर

पूर्व नियोजित लंबी यात्रा

बैकुण्‍ठ चतुर्दशी का अवसर

बिना तनाव के मनोहारी छवि

चांदनी खिली मुखमंडल पर

लगता था अभी सोई है

कहती थी मुझे सोने दें

अब मैं साथ न दे सकूंगी

चिरनिद्रा में खोने दें।

आई थी लक्ष्‍मी मेरे घर

लक्ष्‍मी मेरी चली गई

जीवन के जटिल मोड़ पर

अनायास वह छोड़ गई

किंचित भी दया नहीं आई

वादे से अपने मुकर गई

किस गलती की मिली सजा

जाने-अनजाने क्‍या पाप हुआ

जीवन के अंतिम पड़ाव पर

किस अपराध का दण्‍ड मिला ?

जीवन दुर्गम लगता है अब

किसके सहारे जीऊंगा

अनगिन सितारों की झिलमिल में

तुम्‍हें कहॉं मैं खोजूंगा ?

जीवन मेरा शिथिल-यंत्रवत

अकिंचन, किंकर्त्‍तव्‍यविमूढ़

तुम बन गई परलोक निवासी

विनती-अरजी है मेरी

जल्‍दी पास बुला लो मुझको

नहीं लगाओ अब देरी ।।

Wednesday, November 18, 2020

कर्मवीर कृषक


अर्थ-व्‍यवस्‍था के स्‍तम्‍भ, रीढ़

उपलब्‍ध कराते अन्‍न-कण 

मिहनत, त्‍याग-तपस्‍या से

खाद्यान्‍न में देश है सम्‍पन्‍न 

अन्‍नदाता ऋषि दधीचि है 

कृषक माटी के सपूत 

देश के नायक कृषक हैं 

हरित क्रांति के अग्रदूत । 

जमीन का टुकड़ा नहीं मात्र

कृषक का जीवन है खेत 

स्‍वेद-बिन्‍दु के सिंचन का फल 

लहलहाती फसल, हरित परिवेश 

खेतों में ऊपजाकर सोना 

आत्‍मनिर्भर और समृद्ध देश 

वंदनीय, पूजनीय कृषक हैं 

करें हम उनका अभिषेक । 

कृषक के कल्‍याण पर निर्भर 

देश का समग्र कल्‍याण 

प्रकृति के सहचर-संरक्षक 

खेतों में बसते उनके प्राण 

अहर्निश करते अथक परिश्रम 

सम्‍मान के हकदार किसान 

विकास और समृद्धि के जनक हैं 

देश की है जान-शान । 

प्रकृति से संधर्ष निरंतर 

आपदा की सहते मार 

मानसून पर खेती निर्भर 

कभी बाढ़ और कभी सुखाड़ 

कर्ज में है डूब जाते 

टूट जाती है कमर 

कर्मवीर, योगी कृषक हैं 

प्रारब्‍ध से नहीं है डर । 

कृषि प्रधान देश भारत में 

उपेक्षित रहे न भूमिपुत्र 

कृषक की समृद्धि, देश की समृद्धि 

मिले उचित समर्थन मूल्‍य 

आधुनिक तकनीक आधारित 

मिले डिजीटल कृषि मंच 

उच्‍च जीवन स्‍तर से ही 

कृषक के जीवन में आनंद ।।   


Thursday, November 12, 2020

सकारात्‍मक सोच है रामबाण

     

 

सकारात्‍मक सोच है दिव्‍यशक्ति

धवल-निर्मलता की प्रतीक

शुभ, मंगलमय ऋद्धि-सिद्धि

मनोबल में होती है वृद्धि

सकारात्‍मकता से होती है

मन में उर्जा का संचार

नकारात्‍मकता भरती जीवन में

तनाव, कुढ़न और अंधकार।

मानव-मस्तिष्‍क की संरचना

कम्‍प्‍यूटर से कहीं अधिक जटिल

ईर्ष्‍या-द्वेष के वायरस से

मन-मस्तिष्‍क को रखें दूर

अच्‍छे, सार्थक संपर्क-संबंध

समस्‍या समाधान हेतु रामबाण

वैमनस्‍य, कटुता से जीवन में

अशांति, घृणा, मिले अपमान।

सकारात्‍मक सोच है आधार

जीवन में लाना है बदलाव

हर रोज नया कुछ करना है

सृजनशीलता से रखना लगाव

सोच का दायरा बढ़े निरंतर

कठिन परिस्थितियों में आत्‍मविश्‍वास

पारिवारिक, सामाजिक जीवन में

सामंजस्‍य का करें सही प्रयास।

नकारात्‍मक विचारों को रखना दूर

सकारात्‍मक कार्यों में रहकर व्‍यस्‍त

अच्‍छे शौक पालें जीवन में

अध्‍यात्‍म हो या क्रॉसवर्ड

जैसी सोच, वैसा इंसान

रखना होगा इसका ध्‍यान

सुख-दुख आते-जाते रहते

स्थितप्रज्ञता में ही कल्‍याण।।

 

Sunday, November 8, 2020

खेल: शिक्षा और जीवन

   

 


खेल से निखरता अंग-प्रत्‍यंग

खेल सिखाता धैर्य-संयम

शारीरिक व्‍यायाम, दिमागी विकास

मानसिक विकास का है पर्याय

खेल से मिलती है नव स्‍फूर्ति

तनाव, चिंता से शीघ्र मुक्ति।

शिक्षा का अभिन्‍न अंग खेल

शारीरिक शिक्षा का सुमेल

खेल की घंटी है अपरिहार्य

अनुशासन, नेतृत्‍व क्षमता विकास

चारित्रिक विकास का है माध्‍यम

खेल-कूद जुड़ा अध्‍ययन संग। 

खेल से प्रफ्फुलित मन-मस्तिष्‍क

प्रतिरोधक क्षमता में होती वृद्धि

जीत से नव-उत्‍साह सृजन

हार से अनुभव, ज्ञानार्जन

मान-सम्‍मान, धन की प्राप्ति

राष्‍ट्रीय खेल या ओलम्पिक। 

राष्‍ट्रीय एकता का प्रतीक

खेल भावना है अप्रतिम

हारे-जीते कोई पक्ष

खेल भावना ही विकल्‍प

तनाव मुक्‍त हो खेलें खेल

'टीमवर्क' का शाश्‍वत संदेश।

जीवन भी एक खेल समान

हँसते-खेलने है जीना

ईश्‍वर ने की खेल-खेल में

पृथ्‍वी लोक की रचना

मानव-मात्र खिलाड़ी है

कर्तव्यपालन की लें प्रेरणा।


Friday, November 6, 2020

भूमि अर्जन: प्रावधान एवं प्रक्रिया

 



औद्योगिकीकरण, अवसंरचनात्‍मक सुविधा का विकास 

नागरिक सुविधाओं, शहरीकरण का विस्‍तार 

सहभागी, पारदर्शी प्रक्रिया मार्गदर्शी सिद्धांत 

हितबद्ध रैयतों को समय सीमा में भुगतान 

प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन, पुनर्व्‍यवस्‍थापन संग 

परिवारों को बाधा पहुँचाए कम-से-कम 

भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 को कर रिप्‍लेस 

जनवरी, 2014 से प्रभावी है एल0ए0आर0आर0 एक्‍ट। 


अध्‍यपेक्षा, अर्जनाधीन भूमि की स्‍थलीय जॉंच 

अनुमानित लागत की गणना कर विधिमान्‍य  

आपात या सामान्‍य प्रक्रिया का निर्धारण 

अधिसूचना का धारा-11 के अधीन प्रकाशन 

आपत्तियों का करना विधिवत निष्‍पादन 

अधिघोषणा प्रकाशन, अवार्ड निर्धारण  

अधि‍याची विभाग को दखल-कब्‍जा समर्पण 

नौ 'अ' में समाहित है वर्ष, 2013 का अधिनियम । 


प्रपत्र-1 में करना है अध्‍यपेक्षा समर्पित 

संलग्‍न करना है सभी कागजात वांछित 

समाहर्त्‍ता को कराना है सम्‍यक् जॉंच 

राजस्‍व एवं कृषि विभाग के कर्मी होंगे तैनात 

अधिनियम की धारा-10 की करें यदि बात 

आच्‍छादित परियोजना हैं अपवाद 

अनुमानित लागत की गणना उपरांत 

समाहर्त्‍ता को करना है सम्‍यक् समाधान।


अर्जनाधीन भूमि की प्‍लॉटवार फोटोग्राफी 

एलाइनमेंट जॉंच, मिसिंग प्‍लॉट की करनी प्रविष्टि 

गैरमजरूआ आमखास,  धार्मिक स्‍थल ही पहचान 

भौतिक स्थिति के अनुसार  खेसरा पंजी का निर्माण 

जिलास्‍तरीय छ: सदस्‍यीय समिति द्वारा अनुशंसा/जॉंच 

मार्गदर्शक है 12 अप्रैल, 2017 का विभागीय पत्रांक 

सभी बिन्‍दुओं की करनी है समीक्षा, जॉंच 

अधियाची विभाग से वांछित राशि की मॉंग। 


मुआवजा राशि की गणना का आधार

अद्यतन एम0भी0आर0 है तैयार 

मुआवजा संग फसल की संभावित नुकसान 

आर0एण्‍ड0आर0 में व्‍यय की पहचान 

एस0आई0ए0 पर खर्च एवं प्रशासनिक व्‍यय 

मुआवजा राशि के निर्धारण के हैं अवयव 

भूमि की भौगोलिक स्थिति, क्षमता का ध्‍यान 

भूमि उपयोग, उपलब्‍ध सुविधाओं आदि का भी संज्ञान 


सामान्‍य प्रक्रिया, आपात प्रक्रिया का 

समाहर्त्‍ता द्वारा होना निर्धारण 

सामान्‍य प्रक्रिया की स्थिति में 

एस0आई0ए0 हेतु संस्‍था का चयन 

समर्पित प्रतिवेदन की समीक्षा हेतु 

विशेषज्ञ  समिति का गठन अपेक्षित 

सामाजिक प्रभाव ऑकलन प्रतिवेदन 

समाहर्त्‍ता को है करना समर्पित।


भारत की प्रतिरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा 

प्राकृतिक आपदाओं से उद़्भूत समस्‍या 

अधिनियम की धारा 40 (2) के अनुरूप

एस0आई0ए0 से एवं धारा-15 अंतर्गत 

आपत्तियों की सुनवाई से है छूट 

अधिनियम की धारा-11 अंतर्गत 

अधिसूचना का करना है प्रकाशन 

समाहर्त्‍ता है इस कार्य हेतु सक्षम।


विनिर्दिष्‍ट अभिलेखों का अधिसूचना प्रकाशन पश्‍चात् 

सी0ओ0 द्वारा अद्यतीकरण है अनिवार्य 

मृत व्‍यक्तियों की प्रविष्टियों की कर पहचान 

दर्ज करना वैध उत्‍तराधिकारियों के नाम 

सरकारी भूमि की आवश्‍यक प्रविष्टि 

रजिस्ट्रीकृत अंतरणों को करना अंतर्विष्‍ट 

प्रविष्टियों के अद्यतीकरण का काम 

दो माह की समयावधि है अनुमान्‍य।


पुनर्वास, पुन:स्‍थापन प्रशासक के रूप में 

अपर समाहर्त्‍ता, राजस्‍व हैं सक्षम प्राधिकार 

परिक्षेत्रान्‍तर्गत उपर्युक्‍त कार्य हेतु 

प्रमण्‍डलीय आयुक्‍त को है अधिकार 

प्रशासक की शक्तियों का निरूपण 

नियमावली के नियम-26 में उल्‍लेख 

पुनर्वास एवं पुनर्वासन आयुक्‍त के कृत्‍यों का 

अधिनियम की धारा-18 में है सार-संक्षेप। 



धारा-19, नियमावली के नियम-24 में उपबंधित 

भूमि अर्जन हेतु अधिघोषणा का प्रकाशन 

धारा-26 में हैं वर्णित उल्लिखित 

विहित प्रक्रिया अनुरूप दर-निर्धारण 

दर-निर्धारण, प्राक्‍कलन स्‍वीकृति हेतु 

सक्षम प्राधिकार को प्रदत्‍त शक्ति 

भूमि वर्गीकरण के संबंध में 

निबंधन विभाग के निर्देश हैं मार्गदर्शी। 



भूखण्‍ड पर अवस्थित संरचनाओं का मूल्‍यांकन

विभागीय निदेश समय-समय पर निर्गत 

विभागीय पत्रांक - 166, 25 जनवरी, 2016 से   

संबंधित पदाधिकारी होंगे अवगत 

आपत्तियों की जॉंच, निपटारा 

नियम-29 में वर्णित, स्‍पष्‍ट 

पंचाट की घोषणा, मुआवजा भुगतान हेतु 

नियम-31 (3) है द्रष्‍टव्‍य।


समाहर्त्‍ता द्वारा किया जाना है 

पुर्नवास, पुनर्व्‍यवस्‍थापन अवार्ड 

शिविर आयोजित कर हितबद्ध रैयतों को

रेखांकित चेक से भुगतान कार्य 

समाहर्त्‍ता द्वारा दिया जाना है

अधियाची विभाग को दखल-कब्‍जा 

आ‍पतिक मामलों में 80 प्रतिशत भुगतान कर 

दखल सौंपने में नहीं है कोई बाधा।


अधिनियम-2013 की धारा-24 का अनुपालन

अधिनियम, 1894 के लंबित वादों का निष्‍पादन 

प्रक्रिया एवं प्रावधान विधिक एवं वांछित 

विभिन्‍न विभागीय पत्रों से है संसूचित 

धारा-24 की सही व्‍याख्‍या संबंधित 

माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय का आदेश उपलब्‍ध

इन्‍दौर विकास प्राधिकरण बनाम मनोहर लाल एवं अन्‍य में 

6 मार्च, 2020 को पारित आदेश का लें संदर्भ।



पुनर्वासन एवं पुनर्व्‍यवस्‍थापन प्राधिकार का 

प्रमण्‍डलीय मुख्‍यालय स्‍तर पर गठन 

विवादों के त्‍वरित निपटान से 

प्राधिकार गठन का है संबंध 

प्राधिकार के फैसले के विरूद्ध 

माननीय उच्‍च न्‍यायालय में अपील 

अधिनियम की धारा-74‍ अनुसार 

साठ दिनों की समयावधि विहित। 



महालेखाकार को अंतिम लेखा 

विधिवत प्रेषण के उपरांत 

भू-अर्जन निदेशालय द्वारा 

कार्यवाही सम्‍पुष्टि का है प्रावधान 

भू-अर्जन अधिनियम का उद्देश्‍य 

पारदर्शी, न्‍याय संगत और निष्‍पक्ष  

हितबद्ध रैयत एवं सार्व‍जनिक हित में 

कार्यान्‍वयन का हम ले संकल्‍प ।